Ramayana : नितेश तिवारी की फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही बड़े प्रोजेक्ट के तौर पर चर्चा में है. फिल्म को लेकर मेकर्स की तैयारी सिर्फ भारत के दर्शकों तक सीमित नहीं दिखाई दे रही है. उनकी कोशिश इस पौराणिक कहानी को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बड़े स्तर पर पहुंचाने की है.
स्क्रीन की संख्या बनी खास रणनीति
फिल्म की रिलीज को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इसे दुनियाभर में बहुत बड़े स्क्रीन नेटवर्क के जरिए दर्शकों तक ले जाने की योजना है. हजारों स्क्रीन पर एक साथ पहुंच बनाने का मकसद ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को शुरुआती दौर में ही फिल्म से जोड़ना है. इतनी व्यापक रिलीज भारतीय फिल्मों के लिए एक अलग तरह का बाजार तैयार कर सकती है.
भाषाओं का भी रखा गया ध्यान
मेकर्स ने भाषा को भी अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है. फिल्म को अलग-अलग भाषाई दर्शकों के हिसाब से पेश करने की तैयारी है. इसका फायदा यह हो सकता है कि कहानी सिर्फ हिंदी समझने वाले दर्शकों तक सीमित न रहे और विदेशी दर्शक भी इससे आसानी से जुड़ सकें.
तकनीक पर भारी निवेश
रामायण की दुनिया को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए आधुनिक तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. फिल्म में पौराणिक माहौल, बड़े युद्ध और भव्य दृश्यों को प्रभावशाली तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है। रिपोर्टों में प्रोजेक्ट के दोनों हिस्सों पर करीब 4000 करोड़ रुपये तक के खर्च की चर्चा है.
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कमाई के लिए ग्लोबल दांव
मेकर्स का सबसे बड़ा दांव फिल्म को सिर्फ एक भारतीय रिलीज न बनाकर अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई इवेंट बनाने का है. बड़े बजट की भरपाई के लिए भारत के साथ विदेशी बाजार से भी मजबूत कमाई की उम्मीद रखी जा रही है.
रिकॉर्ड पर रहेगी नजर
इतना बड़ा बजट, विशाल रिलीज और आधुनिक तकनीक फिल्म को खास बनाते हैं अब असली चुनौती दर्शकों की प्रतिक्रिया है. अगर कहानी और विजुअल दर्शकों को पसंद आते हैं, तो रामायण बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है.