Ramgarh Plant Fire ---झारखंड के रामगढ़ जिले से देर रात एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिके प्लांट के कंट्रोल रूम में अचानक आग लगने से तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। आग की चपेट में आने से कुछ मजदूरों के झुलसने की भी जानकारी है। हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और ग्रामीण प्लांट गेट के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल आग लगने की वजह सामने नहीं आई है।
कंट्रोल रूम में अचानक लगी आग
रामगढ़ के हेहल इलाके में स्थित मां छिन्नमस्तिके प्लांट के कंट्रोल रूम में देर रात अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने कंट्रोल रूम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कई मजदूर झुलस गए, जबकि तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान रांची निवासी संजीव कुमार केसरी, बोकारो निवासी विनीत कुमार और गढ़वा निवासी अभिषेक पांडे के रूप में हुई है। बताया गया है कि तीनों इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज कराया जा रहा है।
हादसे के बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीण प्लांट के गेट के पास पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
तीन परिवारों में पसरा मातम
इस हादसे में जान गंवाने वालों में संजीव कुमार केसरी की उम्र 50 साल बताई गई है और वह रांची के रहने वाले थे। वहीं बोकारो निवासी विनीत कुमार की उम्र 25 साल थी। तीसरे मृतक अभिषेक पांडे गढ़वा के रहने वाले थे और उनकी उम्र महज 24 साल बताई गई है। एक ही हादसे में तीन इंजीनियरों की मौत ने प्लांट से जुड़े लोगों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की स्थिति को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
आग की वजह जांच के बाद होगी साफ
रामगढ़ की इस घटना ने प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि ग्रामीणों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, लेकिन फिलहाल इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने की वजह क्या थी, कंट्रोल रूम में उस समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और आग इतनी तेजी से कैसे फैली, इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। इस घटना के बाद प्लांट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और हादसे की परिस्थितियों की जांच अहम मानी जा रही है।