
जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस शुक्रवार को रामनगर में खुशी और रौनक के साथ निकाला गया था, लेकिन यह खुशियां अचानक मातम में तब बदल गईं जब जुलूस में शामिल एक युवक की डीजे की तेज आवाज के कारण तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद उत्सव का माहौल गमगीन हो गया और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई. जानकारी के मुताबिक रामनगर के ग्राम शक्तिनगर निवासी 22 वर्षीय कासिम सैफी पुत्र मुशर्रफ सैफी जश्ने ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में शामिल था। रामनगर के भवानीगंज से शुरू हुआ जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए रानीखेत रोड पर पहुंचा।
इसी दौरान कासिम अपने दोस्तों के साथ डीजे की धुन पर जश्न मना रहा था, तभी अचानक डीजे की तेज धमक से उसकी तबीयत बिगड़ गई। मौजूद लोगों ने तुरंत कासिम को संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया परिजन और साथी उसे काशीपुर अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही कासिम ने दम तोड़ दिया.
पूरे शक्तिनगर मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई
कासिम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जुलूस में शामिल लोगों और मोहल्ले वासियों की खुशियां गम में बदल गईं। यहां सुबह से ही ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर उल्लास का माहौल था, वहीं शाम तक पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा. कासिम की असमय मौत से पूरे शक्तिनगर मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।
पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया
पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि कासिम हमेशा मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था,उसकी अचानक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है, लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। लेकिन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के बाद स्थानीय लोग डीजे की तेज आवाज को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि तेज धमक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है और प्रशासन को इस पर कड़ी रोक लगानी चाहिए, जश्न के मौके पर जिस तरह खुशियां मातम में बदलीं, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।