Ranchi Student Protest Update: रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में दो हफ्तों से ज्यादा समय से धरना दे रहे छात्रों में भूख हड़ताल पर बैठे राहुल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत खराब होने के बाद डॉक्टरों की टीम उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची। छात्रों ने सरकार से मांगों पर ध्यान देने की अपील की है।
दो हफ्तों से जारी है छात्रों का धरना, चार प्रदर्शनकारी अनशन पर
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें राहुल की हालत सबसे ज्यादा खराब हो गई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार राहुल पिछले चार दिनों से बिना भोजन और पानी के आमरण अनशन पर हैं, जिसके कारण उनका शरीर कमजोर हो गया और तबीयत बिगड़ गई।डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर राहुल की जांच की और बेहतर इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। छात्रों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की तबीयत का मामला नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही समस्याओं और नाराजगी का परिणाम है।
छात्रों का आरोप- मेहनत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय
आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। राहुल ने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी हैं और सहायक शिक्षक परीक्षा भी पास की, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने का दर्द उन्होंने आंदोलन के दौरान साझा किया।छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और कथित पेपर लीक जैसी घटनाओं ने मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना है कि वे ऐसा सिस्टम चाहते हैं, जहां भविष्य में किसी भी परीक्षा में धांधली की गुंजाइश न रहे।
छात्र नेता बोले- शरीर जवाब दे रहा है, लेकिन लड़ाई जारी रहेगी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी खराब सेहत का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार अनशन के कारण उनकी स्थिति कमजोर हो गई है। उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ विरोध करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और भरोसेमंद हो।
27 साल की सविता ने बताई संघर्ष की कहानी
इस आंदोलन में शामिल 27 वर्षीय सविता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि परिवार की मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने पढ़ाई पूरी की, लेकिन अब भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि युवाओं की उम्र निकलती जा रही है और मेहनत करने के बाद भी अगर व्यवस्था साथ न दे तो मुश्किलें बढ़ जाती हैं।सविता जैसे कई छात्र इस आंदोलन के जरिए अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का मिल रहा समर्थन, देशभर से पहुंच रही मदद
रांची में चल रहे इस प्रदर्शन को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। कई लोग छात्रों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। हालांकि प्रदर्शनकारी आर्थिक मदद लेने से इनकार कर रहे हैं और अपनी मांगों के समाधान पर जोर दे रहे हैं।खराब मौसम के बावजूद छात्र आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं। उनकी सहायता के लिए रेनकोट जैसी जरूरी चीजें भी भेजी गई हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।