श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है, लेकिन इसके साथ ही घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ियों को 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली। इनमें जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी, अनुभवी मोहम्मद शमी, कर्नाटक के आर. स्मरण और करुण नायर शामिल हैं। चारों ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से मजबूत दावा पेश किया था, लेकिन चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए दूसरे विकल्पों पर भरोसा जताया।
60 विकेट लेकर भी बाहर रह गए आकिब नबी
सबसे ज्यादा चर्चा 29 साल के आकिब नबी की हो रही है। जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में सिर्फ 10 मुकाबलों में 60 विकेट झटके। उनका गेंदबाजी औसत 12.56 रहा और उन्होंने सात बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 24 रन देकर सात विकेट रहा। पूरे सीजन में लगातार विकेट निकालने के बावजूद श्रीलंका दौरे के लिए आकिब को मौका नहीं मिला। उनके इन आंकड़ों के बाद चयन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है।
शमी ने 7 मैचों में लिए 37 विकेट
भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी वापसी नहीं कर सके। शमी ने घरेलू क्रिकेट में सात मुकाबले खेलकर 37 विकेट लिए और अपनी फिटनेस के साथ गेंदबाजी की लय दिखाने की कोशिश की। उनका औसत 16.72 रहा, जबकि तीन बार उन्होंने पांच या उससे ज्यादा विकेट हासिल किए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 90 रन देकर आठ विकेट रहा। इसके बावजूद श्रीलंका दौरे की टीम में उन्हें जगह नहीं दी गई। ऐसे में शमी की टेस्ट टीम में वापसी का इंतजार और बढ़ गया है।
950 रन बनाने वाले स्मरण भी नहीं बना सके जगह
गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करने वाले आर. स्मरण भी टीम इंडिया का दरवाजा नहीं खोल सके। कर्नाटक के 23 साल के बल्लेबाज ने नौ रणजी मुकाबलों में 86.36 की औसत से 950 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से चार शतक और तीन अर्धशतक निकले। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 227 रन रहा। इतने शानदार सीजन के बाद स्मरण को टेस्ट टीम में जगह मिलने की उम्मीद लगाई जा रही थी, लेकिन फिलहाल उन्हें अपने मौके के लिए और इंतजार करना होगा।
करुण नायर ने बनाए 699 रन, फिर भी नहीं मिला मौका
भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगा चुके करुण नायर भी श्रीलंका दौरे से बाहर हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में नौ मुकाबलों में 58.25 की औसत से 699 रन बनाए। उनके बल्ले से दो शतक और तीन अर्धशतक आए, जबकि सर्वश्रेष्ठ स्कोर 233 रन रहा। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया। इससे एक बार फिर सवाल उठा है कि राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन कितना निर्णायक साबित होता है।
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आंकड़ों के अलावा इन चीजों पर भी होता है चयन
हालांकि सिर्फ रणजी ट्रॉफी के आंकड़ों के आधार पर टेस्ट टीम का चयन नहीं किया जाता। टीम का संतुलन, श्रीलंका की परिस्थितियां, खिलाड़ियों की फिटनेस, अनुभव और चयनकर्ताओं की आगे की योजना भी फैसले में भूमिका निभाती है। श्रीलंका दौरे के लिए रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है, जबकि मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार मौका मिला है। इसके बावजूद आकिब नबी के 60 विकेट, शमी के 37 विकेट, स्मरण के 950 रन और करुण नायर के 699 रन ने चयन पर चर्चा जरूर तेज कर दी है। अब नजर अगले घरेलू सत्र पर होगी कि इनमें से कौन अपने प्रदर्शन से एक बार फिर टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाता है।