Ranji Trophy 2026-27 : रणजी ट्रॉफी 2026-27 के मुकाबले शुरू होते ही भारतीय क्रिकेट के कई बड़े खिलाड़ियों ने धमाल मचा दिया है। 11 अक्टूबर से शुरू हुए पहले दौर के मैचों में रिंकू सिंह, मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा ने शानदार खेल दिखाया। रिंकू ने शतक लगाया, तो शमी ने अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया। वहीं जडेजा ने बल्ले से कमाल दिखाया। दूसरी तरफ यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जैसे बड़े नाम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। ऐसे में रणजी ट्रॉफी के पहले दौर में किसी खिलाड़ी ने अपनी ताकत दिखाई, तो किसी को निराशा हाथ लगी।
रिंकू सिंह ने बिहार के खिलाफ जड़ा शतक
उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए रिंकू सिंह ने बिहार के खिलाफ शानदार 112 रन बनाए। उनकी इस पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। यह रिंकू के फर्स्ट क्लास करियर का 10वां शतक है। उनके साथ माधव कौशिक ने भी शतक लगाया। दोनों बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन से उत्तर प्रदेश की टीम मजबूत स्कोर की ओर बढ़ रही है। रिंकू का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि वह छोटे फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी का दम पहले ही दिखा चुके हैं। अब लंबे फॉर्मेट में भी उन्होंने अपने खेल से सबका ध्यान खींचा है।
मोहम्मद शमी ने गेंद से मचाया धमाल
भारतीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी की। बंगाल की ओर से खेलते हुए उन्होंने दिल्ली के चार बल्लेबाजों को आउट किया। शमी की गेंदबाजी के सामने दिल्ली की टीम पहली पारी में 240 रन ही बना सकी। शमी का यह प्रदर्शन उनके लिए अहम माना जा रहा है। वह लंबे समय से भारतीय टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेल दिखाकर वह चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच सकते हैं।
जडेजा ने बल्ले से दिखाया दम
रवींद्र जडेजा ने सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए पहली पारी में 80 रन बनाए। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूती दी। दूसरी ओर, हैदराबाद की कप्तानी कर रहे मोहम्मद सिराज को नौ ओवर गेंदबाजी करने के बाद भी कोई विकेट नहीं मिला। उन्होंने 25 रन दिए। हालांकि, अनिकेत रेड्डी ने पांच विकेट लेकर त्रिपुरा की टीम को 134 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। इससे साफ है कि पहले दौर में कई खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंदाज में अपना दम दिखाया।
केएल राहुल और दूसरे बड़े खिलाड़ी हुए फेल
रणजी ट्रॉफी के पहले दौर में कुछ बड़े बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। कर्नाटक की ओर से खेलते हुए केएल राहुल, मयंक अग्रवाल और करुण नायर दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। वहीं यशस्वी जायसवाल भी अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। सरफराज खान का बल्ला भी नहीं चला, लेकिन उनके भाई मुशीर खान ने मुंबई के लिए अर्धशतक लगाया। इन नतीजों से पता चलता है कि घरेलू क्रिकेट में बड़े नाम होने के बावजूद मैदान पर प्रदर्शन करना जरूरी है।
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जम्मू-कश्मीर की टीम ने भी दिखाया दम
पिछले सीजन की विजेता जम्मू-कश्मीर की टीम ने भी अच्छी शुरुआत की। टीम ने मध्य प्रदेश को पहली पारी में 196 रन पर रोक दिया। हालांकि, पिछले सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले आकिब नबी इस बार पहली पारी में सिर्फ एक विकेट ले सके। रणजी ट्रॉफी का पहला दौर खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का अच्छा मौका है। रिंकू, शमी और जडेजा जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अब सबकी नजर रहेगी। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन अपनी अच्छी शुरुआत जारी रखता है और किन खिलाड़ियों की फॉर्म में सुधार होता है।