WOMEN CRIME NCRB DATA : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न और छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि देश में रेप और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के दर्ज मामले सबसे ज्यादा किन राज्यों में हैं और बिहार की स्थिति क्या है? अपराध के आंकड़ों को समझते समय कुल मामलों और प्रति लाख आबादी की दर में अंतर समझना भी जरूरी है।
रेप के आंकड़ों में कौन से राज्य आगे?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB के आंकड़ों में अलग-अलग राज्यों के बीच रेप के दर्ज मामलों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। कुल मामलों की संख्या में राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य अक्सर ऊंचे आंकड़ों वाले राज्यों में रहे हैं। वहीं अपराध दर की गणना प्रति लाख आबादी के आधार पर होती है, इसलिए कुल संख्या और दर को एक ही पैमाने से नहीं देखा जा सकता।
छेड़छाड़ के मामलों में तस्वीर अलग
महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल अलग कानूनी श्रेणी में दर्ज होता है। मौजूदा आपराधिक कानून में इसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत परिभाषित किया गया है। अलग-अलग राज्यों में इस श्रेणी के दर्ज मामलों की संख्या आबादी, रिपोर्टिंग और पुलिस में शिकायत दर्ज होने जैसे कई कारकों से प्रभावित हो सकती है।
बिहार की स्थिति को कैसे समझें?
बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़ों को सिर्फ रेप या छेड़छाड़ के मामलों से समझना अधूरा होगा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अपहरण, दहेज से जुड़े मामले और अन्य अपराध भी शामिल होते हैं। इसलिए किसी एक अपराध की संख्या के आधार पर पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
कम आंकड़े का मतलब कम अपराध नहीं
किसी राज्य में दर्ज मामलों की संख्या कम होने का अर्थ यह जरूरी नहीं कि वहां अपराध भी कम हो रहे हैं। सामाजिक दबाव, बदनामी का डर, परिवार का दबाव और पुलिस तक शिकायत पहुंचने में आने वाली परेशानियां रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए NCRB के आंकड़े मुख्य रूप से दर्ज मामलों की तस्वीर दिखाते हैं, हर वास्तविक घटना की पूरी संख्या नहीं।
जमुई की घटना ने फिर उठाए सवाल
जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न और छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा तेज हुई है। आपके दिए इनपुट के मुताबिक, मामले में तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों में दर्ज केस, जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से ही स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आएगी।