
वर्ष 2025 में करवा चौथ और संकष्टी गणेश चतुर्थी का शुभ संयोग एक ही दिन, शुक्रवार को पड़ रहा है। यह दुर्लभ संयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से विशेष है, बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी अत्यंत शुभ माना जा रहा है। जब दो प्रमुख व्रत एक ही दिन पड़ें और वह भी शुक्रवार जैसे शुभ वार पर हो, तो यह समय विशेष फलदायक और शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
करवा चौथ और गणेश चतुर्थी का संगम – क्यों है खास?
करवा चौथ, जहां सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना के लिए मनाया जाता है, वहीं संकष्टी गणेश चतुर्थी विघ्नहर्ता गणेश जी को समर्पित होती है। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और धन-संपत्ति का आगमन होता है। शुक्रवार, जो देवी लक्ष्मी का दिन है, वह इन दोनों व्रतों की शक्ति को और भी बढ़ा देता है।
इन उपायों से मिलेगा तीन गुना लाभ
अगर आप इस दुर्लभ संयोग का लाभ उठाना चाहते हैं तो नीचे दिए गए उपाय ज़रूर करें
गणेश-लक्ष्मी पूजन
इस दिन शाम को गणेश जी और मां लक्ष्मी की एक साथ पूजा करें। पीले फूल, दुर्वा, और मिठाई का भोग लगाएं। "ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा" मंत्र का जाप करें।
करवा चौथ व्रत में शामिल करें गणेश आराधना
चंद्रदर्शन से पहले गणेश जी की विधिवत पूजा करें। इससे व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है और जीवन में स्थिरता आती है।
संकल्प लेकर दान करें
शुक्रवार के दिन सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार का सामान और गरीबों को अन्न या वस्त्र दान करें। यह सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद दिलाता है।
धन वृद्धि के लिए चांदी का करवा
इस दिन चांदी का करवा लेकर उसमें चावल, हल्दी और सिक्का रखें और मां पार्वती को अर्पित करें। मान्यता है कि इससे घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करती हैं।