मध्यप्रदेश के धार जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को पकड़कर उनके पास से करोड़ों रुपये की कीमत वाला दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप (चकलोन सांप) बरामद किया है। यह सांप औषधीय और तांत्रिक महत्व के कारण चीन और अरब देशों में बेहद कीमती माना जाता है। तस्कर इसे लगभग डेढ़ करोड़ में बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने मौके से सांप के साथ कई उपकरण भी जब्त किए हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है।
धार में बायपास पर हुई कार्रवाई
धार जिले के लेबड़ बायपास के पास चिनार ग्रीन कॉलोनी के समीप पुलिस को तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए मानपुर थाना पुलिस ने चार तस्करों को धरदबोचा। ये सभी अलग-अलग राज्यों से आए थे और एक बैग में सांप छिपाकर खड़े थे।
चार राज्यों से जुड़े तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और देवास के लोग शामिल हैं। इनमें अंजनेयुलु (तेलंगाना), चंद्रकांत (महाराष्ट्र), भूरा उर्फ अब्दुल वाहिद (इंदौर) और सुनील धोरात (देवास) के नाम सामने आए हैं। सभी आरोपी सांप को बेचने की फिराक में थे।
जब्त किए गए उपकरण
पुलिस ने तस्करों के पास से न सिर्फ दुर्लभ सांप बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, इंच टेप, सिरिंज और प्लास्टिक पाइप भी जब्त किए हैं। ये उपकरण सांप की तौल और तस्करी में इस्तेमाल किए जाने वाले बताए जा रहे हैं।
क्या है रेड सैंड बोआ की खासियत?
रेड सैंड बोआ को चकलोन या दोमुंहा सांप कहा जाता है, क्योंकि इसकी पूंछ मुंह जैसी दिखती है।यह सांप इंसानों के लिए हानिकारक नहीं होता।यह केवल छोटे जीवों जैसे चूहे, कीड़े और छोटे सांपों को ही खाता है।इसकी डिमांड मुख्यतः तांत्रिक क्रियाओं और आयुर्वेदिक दवाओं में उपयोग के लिए होती है।इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक आंकी जाती है।