Republic Day celebrations: नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों के चलते राष्ट्रपति भवन आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है। राष्ट्रपति सेक्रेटेरिएट की ओर से जारी सूचना के अनुसार 21 जनवरी से 29 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन का सर्किट-1 विज़िट आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा। इस दौरान कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड और उससे जुड़े अन्य आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनकी सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कारण यह निर्णय लिया गया है।
गणतंत्र दिवस परेड
राष्ट्रपति सेक्रेटेरिएट ने बताया कि हर साल 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड आयोजित होती है। इसके बाद 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ गणतंत्र दिवस उत्सव का औपचारिक समापन होता है। इन आयोजनों के दौरान राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है, इसी वजह से सर्किट-1 को नौ दिनों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है।
परेड में दिखेगी सैन्य ताकत
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कई खास झलकियां देखने को मिलेंगी। नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार परेड में हिस्सा लेगी। इसके साथ ही राफेल, सुखोई-30, मिग-29, अपाचे हेलीकॉप्टर, एलसीएच और एएलएच जैसे आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म कर्तव्य पथ पर नजर आएंगे। फ्लाईपास्ट में सी-130 और सी-295 परिवहन विमान भी शामिल होंगे।
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रक्षा सचिव ने दी जानकारी
रक्षा सचिव आर के सिंह ने प्रेसवार्ता में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार समारोह में कई नए प्रयोग किए गए हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे। कुछ सैन्य प्लेटफॉर्म को शामिल न करने पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह आयोजन की योजना पर निर्भर करता है।
परंपरा से हटकर नए नाम
इस बार गणतंत्र दिवस परेड की थीम ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ रखी गई है। परंपरा से हटते हुए बैठने की जगहों को ‘वीवीआईपी’ जैसे नाम नहीं दिए जाएंगे, बल्कि उन्हें गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी भारतीय नदियों के नाम से पहचाना जाएगा। वहीं बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए बनाए गए बाड़ों के नाम भारतीय वाद्ययंत्रों पर रखे जाएंगे, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएंगे।