तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 25 जनवरी 2026 को रथ सप्तमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस दिन को सूर्य भगवान को समर्पित पर्व के रूप में जाना जाता है और तिरुमाला में इसे ‘मिनी ब्रह्मोत्सव’ कहा जाता है। रथ सप्तमी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के तिरुमाला पहुंचने की संभावना को देखते हुए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
रथ सप्तमी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
रथ सप्तमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन सूर्य देव अपने रथ पर सवार होकर उत्तरायण की यात्रा आरंभ करते हैं। तिरुमाला में इस पर्व का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान वेंकटेश्वर स्वामी स्वयं भक्तों को सात अलग-अलग वाहनों पर दर्शन देते हैं। यह दिन पुण्य, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।
मिनी ब्रह्मोत्सव जैसा भव्य आयोजन
रथ सप्तमी के दिन तिरुमाला मंदिर और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। सुबह सूर्योदय से पहले सूर्य प्रभा वाहन सेवा से उत्सव की शुरुआत होती है। इसके बाद चिन्ना शेष वाहन, गरुड़ वाहन, हनुमंत वाहन और अंत में चंद्र प्रभा वाहन पर भगवान के दर्शन होते हैं। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति, वेद मंत्रोच्चार और जयघोष से गूंजता रहता है।
तीन दिनों तक VIP और विशेष दर्शन रद्द
भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए TTD ने 24, 25 और 26 जनवरी 2026 को VIP ब्रेक दर्शन और विशेष दर्शन सेवाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इन दिनों केवल सामान्य दर्शन की व्यवस्था रहेगी, जिससे अधिक से अधिक आम भक्त भगवान के दर्शन कर सकें। इसके अलावा कुछ आरजित सेवाओं को भी अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं और अपील
TTD प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, भोजन, चिकित्सा सेवाएं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे संयम बनाए रखें, नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
भक्ति और आस्था का भव्य संगम
रथ सप्तमी 2026 तिरुमाला में भक्ति और आस्था का भव्य संगम लेकर आ रही है। दर्शन व्यवस्था में किए गए बदलाव श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए गए हैं। जो भक्त इस पावन अवसर पर तिरुमाला आने की योजना बना रहे हैं, वे पहले से तैयारी कर शांतिपूर्ण और दिव्य अनुभव का लाभ उठा सकते हैं।