Ration Card Face Authentication : अब तक राशन लेने के लिए ई-पीओएस मशीन पर अंगूठा या उंगली का निशान देना जरूरी होता था। कई बार तकनीकी दिक्कत, नेटवर्क समस्या या उंगलियों के निशान साफ न होने के कारण सत्यापन नहीं हो पाता था। इससे कई लोगों को बिना राशन लिए वापस लौटना पड़ता था।
चेहरे से होगा सत्यापन
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है तो ई-पीओएस मशीन के कैमरे से उसका चेहरा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद आधार डेटाबेस के जरिए पहचान की पुष्टि होगी और राशन जारी किया जाएगा।
बुजुर्गों और मजदूरों को बड़ा फायदा
इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों और श्रमिकों को मिलने वाला है। लगातार मेहनत-मजदूरी और बढ़ती उम्र के कारण कई लोगों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं रह जाते हैं। अब चेहरे की पहचान से उन्हें राशन लेने में आसानी होगी।
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मशीनों में किया जाएगा अपडेट
नई सुविधा को लागू करने के लिए राशन दुकानों में लगी ई-पीओएस मशीनों और मुख्य सिस्टम में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। जिन मशीनों में कैमरा और आवश्यक सॉफ्टवेयर अपडेट उपलब्ध होंगे, वहां यह सुविधा पहले शुरू की जाएगी।
1 अक्टूबर से लागू हुई व्यवस्था
सरकार ने 29 सितंबर को इस सुविधा की घोषणा की थी और 1 अक्टूबर से इसे लागू कर दिया गया है। इसका उद्देश्य राशन वितरण को अधिक आसान, पारदर्शी और लाभार्थी केंद्रित बनाना है।
क्या है ePDS सिस्टम?
ई-पीडीएस यानी इलेक्ट्रॉनिक पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम एक डिजिटल व्यवस्था है, जिसके माध्यम से राशन कार्ड धारकों का रिकॉर्ड, सत्यापन और अनाज वितरण की निगरानी की जाती है। फेस ऑथेंटिकेशन जुड़ने से यह व्यवस्था और अधिक प्रभावी तथा सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।