Ration Card Rules : सरकारी राशन लेने जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। यदि कोई लाभार्थी राशन दुकान पर जाते समय अपना राशन कार्ड घर पर भूल जाता है, तब भी उसे राशन मिलने में परेशानी नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र लाभार्थियों को केवल फिजिकल राशन कार्ड न होने की वजह से राशन से वंचित नहीं किया जा सकता।
डिजिटल व्यवस्था बनी सहारा
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले मुफ्त या रियायती राशन की व्यवस्था अब काफी हद तक डिजिटल हो चुकी है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के जरिए देशभर की राशन दुकानों को एकीकृत किया गया है। इससे लाभार्थियों की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध रहती है।
आधार से होगी पहचान
यदि राशन कार्ड साथ नहीं है, तो राशन डीलर ई-पॉस मशीन में लाभार्थी का आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज कर सकता है। इसके बाद फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली के जरिए बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाता है। पहचान की पुष्टि होते ही राशन जारी किया जा सकता है।
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देश में कहीं भी ले सकते हैं राशन
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का एक बड़ा फायदा यह भी है कि लाभार्थी अपने गृह जिले या राज्य से बाहर रहते हुए भी देश की किसी भी उचित दर की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं। इससे प्रवासी मजदूरों और दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिली है।
आधार लिंक होना जरूरी
इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनका आधार कार्ड पहले से राशन कार्ड से जुड़ा हुआ है। यदि आधार लिंक नहीं है, तो बायोमीट्रिक सत्यापन संभव नहीं होगा और राशन प्राप्त करने में दिक्कत आ सकती है।
फर्जीवाड़े पर लगी रोक
राशन दुकानों पर ई-पॉस मशीनों और बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है। इससे फर्जी लाभार्थियों, कालाबाजारी और राशन की गड़बड़ियों पर काफी हद तक रोक लगी है। अब सही लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही अनाज वितरित किया जाता है।