राजधानी भोपाल में दशहरे पर हुआ रावण दहन इस बार परंपरा से ज्यादा विवादों में घिर गया। हाईकोर्ट के रोक लगाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर एक अनोखा रावण दहन आयोजित किया गया, जिसमें दस सिरों की जगह हत्या और अपराधों में आरोपी महिलाओं की तस्वीरें लगाई गईं। सबसे आगे सोनम रघुवंशी का नाम रहा, जो अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में जेल में है। इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बहस छेड़ रहा है।
रावण पुतले पर लगीं आरोपी महिलाओं की तस्वीरें
भोपाल के गौतम नगर में हुए इस रावण दहन में पुतले पर दस महिलाओं की तस्वीरें लगाई गईं। इनमें सोनम रघुवंशी के अलावा मेरठ की मुस्कान, जिस पर प्रेमी संग पति की हत्या कर शव को ड्रम में भरने का आरोप है, और निकिता सिंघानिया, जिस पर पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है, शामिल थीं।
‘राजा’ के नाम पर लगाया गया आग
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स अपनी पीठ पर राजा रघुवंशी की तस्वीर लगाए हुए पुतले को आग लगाता है। यह दृश्य सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। समर्थकों ने इसे "बुराई के प्रतीक" के तौर पर पेश किया, वहीं कई लोगों ने इसे न्यायिक आदेश की खुली अवहेलना बताया।
कोर्ट का आदेश और अवमानना पर सवाल
गौरतलब है कि विजयदशमी से पहले इंदौर में भी ऐसा ही कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिस पर सोनम रघुवंशी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इसे महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए ऐसे पुतला दहन पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके, भोपाल में इस परंपरा को विवादित रूप देकर अंजाम दिया गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आएगा।
सोशल मीडिया पर बहस
वीडियो सामने आने के बाद लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ इसे सामाजिक संदेश मान रहे हैं, वहीं कई लोग कह रहे हैं कि कानून की अवहेलना और महिलाओं की छवि धूमिल करना गलत है।