Raw cashew import scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कच्चे काजू आयात के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अनीश बाबू को गिरफ्तार किया है। यह मामला केरल के काजू कारोबारियों से जुड़े एक संगठित वित्तीय घोटाले से संबंधित है, जिसमें विदेशी आयात के झूठे वादों के जरिए भारी रकम ऐंठी गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर सबूत सामने आए हैं।
ठगी का तरीका
ED की जांच में सामने आया है कि अनीश बाबू ने तंजानिया और अन्य अफ्रीकी देशों से कच्चा काजू मंगाने का भरोसा दिलाकर कई कारोबारियों से अग्रिम भुगतान लिया। इसके लिए उसने अपनी देशी और विदेशी कंपनियों का सहारा लिया। आरोप है कि करीब 24.76 करोड़ रुपये लेने के बावजूद न तो काजू की आपूर्ति की गई और न ही रकम लौटाई गई।
फर्जी दस्तावेज
पीड़ित कारोबारियों को गुमराह करने के लिए कथित तौर पर फर्जी बिल ऑफ लेडिंग, नकली SWIFT संदेश और ऐसे चेक दिए गए जो कभी भुनाए नहीं जा सके। इन दस्तावेजों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि माल भेजा जा चुका है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी।
मनी लॉन्ड्रिंग
ED का कहना है कि ठगी से प्राप्त धन को अलग-अलग खातों और माध्यमों से घुमाया गया। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि रकम का एक हिस्सा विदेश भेजा गया और वहां रखा गया, जिससे यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आता है। आरोपी ने लंबे समय तक जांच में सहयोग नहीं किया।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब न मिलने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के चलते अनीश बाबू को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ED अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।