Razaullah Pakistan : इंग्लैंड के एजबेस्टन मैदान पर पाकिस्तान को एक नया सितारा मिल गया। 21 साल के तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने अपने डेब्यू टेस्ट में ऐसा कमाल किया कि हर कोई उनका नाम लेने लगा। खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाके से आने वाले इस युवा खिलाड़ी ने मुश्किल वक्त में टीम को संभालकर इतिहास रच दिया।
चयन की अनोखी कहानी
रजाउल्लाह का सफर भी काफी दिलचस्प रहा। बताया जाता है कि उनके चयन की जानकारी देने के लिए कोच को पहाड़ी गांव तक जाना पड़ा। जल्दबाजी में पासपोर्ट बनवाया गया और उन्हें इंग्लैंड भेजा गया। डेब्यू मैच में उन्होंने पहले गेंद से प्रभावित किया और पहली पारी में 4 विकेट लेकर अपनी क्षमता दिखा दी।
संकट में उतरे बल्लेबाजी करने
दूसरी पारी में पाकिस्तान की हालत खराब थी। टीम 312 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी और मैच में दबाव बढ़ता जा रहा था। ऐसे समय में 9वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रजाउल्लाह ने मैदान पर आते ही आक्रामक अंदाज दिखाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।
रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बने
रजाउल्लाह ने सिर्फ 43 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और पाकिस्तान के लिए टेस्ट डेब्यू में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्होंने 63 गेंदों में 81 रन की धमाकेदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 9 छक्के शामिल रहे, जिसने एजबेस्टन में बैठे दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
दो बैट भी टूट गए
लगातार बड़े शॉट खेलने के दौरान रजाउल्लाह के दो बल्ले टूट गए। उन्हें तीसरा बल्ला मंगवाना पड़ा। उनकी एक जोरदार हिट स्टेडियम परिसर में बने होटल तक जा पहुंची। टेस्ट डेब्यू में 9 छक्के लगाने के मामले में उन्होंने टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
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पाकिस्तान को मिली उम्मीद
रजाउल्लाह की विस्फोटक पारी की बदौलत पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 130 रन का लक्ष्य रखा। साथ ही एजबेस्टन में किसी विदेशी टीम द्वारा एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बना। इस पारी ने न सिर्फ पाकिस्तान की उम्मीदें जिंदा रखीं, बल्कि क्रिकेट जगत को एक नया उभरता सितारा भी दे दिया।