भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठकों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले समय में रेपो रेट घटेगा और होम लोन की EMI में राहत मिलेगी या फिर दरें जस की तस रहेंगी।
अप्रैल में पहली बड़ी बैठक
नए वित्तीय वर्ष की पहली MPC बैठक 6 से 8 अप्रैल 2026 के बीच होगी। इसी बैठक में ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। आमतौर पर RBI हर दो महीने में MPC बैठक करता है, जिसमें महंगाई और आर्थिक हालात के आधार पर रेपो रेट तय किया जाता है।
पूरा साल का शेड्यूल
RBI के मुताबिक 2026-27 में MPC की बैठकें इस प्रकार होंगी:
6-8 अप्रैल
3-5 जून
3-5 अगस्त
5-7 अक्टूबर
2-4 दिसंबर
3-5 फरवरी (अंतिम समीक्षा)
इन बैठकों में लिए गए फैसलों का सीधा असर लोन, EMI और निवेश पर पड़ता है।
ये भी पढ़ें : बेटी के जन्म पर मिलेगा बड़ा तोहफा! भाग्य लक्ष्मी योजना से ऐसे पाएं 2 लाख तक का लाभ
पिछले साल क्या रहा ट्रेंड
वित्त वर्ष 2025-26 में RBI ने कई बार रेपो रेट में कटौती की थी। फरवरी से जून 2025 के बीच दरों को घटाकर 5.50% तक लाया गया। इसके बाद अगस्त और अक्टूबर में दरें स्थिर रहीं, जबकि दिसंबर में फिर कटौती कर इसे 5.25% कर दिया गया। फरवरी 2026 में इसे बिना बदलाव के रखा गया।
EMI पर क्या पड़ेगा असर
अगर RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों के लोन सस्ते होते हैं और EMI कम हो सकती है। लेकिन अगर महंगाई बढ़ती है या वैश्विक हालात दबाव बनाते हैं, तो RBI दरों को स्थिर या बढ़ा भी सकता है। ऐसे में EMI पर सीधा असर पड़ेगा।
क्या संकेत मिल रहे हैं
महंगाई, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक हालात आने वाले फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल स्थिति मिश्रित बनी हुई है, इसलिए अप्रैल की बैठक में क्या फैसला होगा, इस पर सभी की नजर टिकी है।