भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ी राहत वाली खबर दी है। आरबीआई ने 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ा दिया है। अब अप्रैल से जून तिमाही में ग्रोथ 6.9 प्रतिशत और जुलाई से सितंबर तिमाही में 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे साफ है कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले साल भी मजबूत बनी रहेगी और विकास की रफ्तार थमने वाली नहीं है।
पहले से ज्यादा मजबूत दिख रहा भारत
आरबीआई ने इससे पहले दिसंबर में पहली तिमाही के लिए 6.7 प्रतिशत और दूसरी तिमाही के लिए 6.8 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान लगाया था। लेकिन अब हालात बेहतर होने की वजह से अनुमान बढ़ाया गया है। पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अंतिम जीडीपी अनुमान अप्रैल में आने वाली मौद्रिक नीति बैठक में घोषित किया जाएगा, जिसमें नए आधार वर्ष 2024 के हिसाब से आंकड़े शामिल होंगे।
गवर्नर ने क्या कहा
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक 2025-26 में भी वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में निजी खपत और निवेश ने अर्थव्यवस्था को मजबूत सहारा दिया है।
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खेती और उद्योग से मिलेगा सहारा
आरबीआई गवर्नर के अनुसार 2026-27 में कृषि क्षेत्र से अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है। जलाशयों में पानी का स्तर ठीक है, रबी फसलों की बुवाई मजबूत रही है और फसलों की हालत भी बेहतर है। इसके साथ ही कॉरपोरेट सेक्टर के नतीजों में सुधार और असंगठित क्षेत्र की मजबूती से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी गति मिलेगी।
सेवा और निर्माण सेक्टर रहेगा मजबूत
आरबीआई का मानना है कि निर्माण क्षेत्र की रफ्तार आगे भी तेज बनी रहेगी। घरेलू मांग मजबूत होने से सेवा क्षेत्र को भी फायदा मिलेगा। शहरी इलाकों में जीएसटी युक्तिकरण और नरम मौद्रिक नीति से खर्च बढ़ने की उम्मीद है, जबकि ग्रामीण मांग भी स्थिर बनी रहेगी। बैंक लोन में बढ़ोतरी और बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस निवेश को और बढ़ाएगा।
FTA से निर्यात को मिलेगा फायदा
आरबीआई ने कहा कि हाल में हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार करार से आने वाले समय में निर्यात को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा बजट में किए गए ऐलान भी ग्रोथ के लिए मददगार साबित होंगे। कुल मिलाकर आरबीआई का आकलन यही है कि 2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हाथों में है और विकास की रफ्तार कायम रहेगी।