भारतीय रिज़र्व बैंक ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है। इसके साथ ही रेपो रेट 5.50% से कम होकर 5.25% हो गया है, जिससे होम लोन सहित कई बैंक लोन की ईएमआई में तुरंत कमी आने के आसार हैं। इस कदम को अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इससे लोन सस्ता होगा, निवेश बढ़ेगा और बाज़ार में लिक्विडिटी सुधरेगी।
रेपो रेट कटौती से ग्राहकों को सीधा फायदा
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा की गई 25 बेसिस पॉइंट की नई कटौती का सबसे बड़ा असर बैंक ग्राहकों पर दिखेगा। चूंकि रेपो रेट ही वह ब्याज है जिस पर बैंक आरबीआई से उधार लेते हैं, इसके सस्ता होने के बाद बैंक भी लोन पर ब्याज दरें घटा सकते हैं।
होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई में कमी आने की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
गवर्नर ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में रीयल जीडीपी ग्रोथ 8.2% रही है और पहले छह महीनों के लिए यह अनुमान 8% के आसपास है।
महंगाई दर को पूरे साल के लिए 2% के भीतर रहने का अनुमान जताया गया है, जिसे आर्थिक स्थिरता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आरबीआई ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की OMO बाइंग और 5 बिलियन डॉलर की 3 वर्षीय डॉलर-रुपया स्वैप का भी ऐलान किया है।
2025 में चौथी बार रेपो रेट में कटौती
यह इस साल का चौथा मौका है जब रेपो रेट कम किया गया है। फरवरी, अप्रैल और जून के बाद अब दिसंबर में भी 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है।
इस तरह 2025 में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती हो चुकी है।
इससे रेपो रेट 6.50% के उच्च स्तर से लगातार गिरकर अब 5.25% पर आ पहुंचा है।
शेयर बाज़ार में आई जबरदस्त तेजी
रेपो रेट कटौती की घोषणा के साथ ही शेयर मार्केट में तेज उछाल देखा गया। सेंसेक्स 200 अंक से अधिक चढ़कर 85,500 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 75 अंकों की बढ़त के साथ 26,110 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बैंकिंग सेक्टर में भी शानदार तेजी दर्ज की गई।