RBI Repo Rate Hike 5.50 Percent : दिवाली और त्योहारी सीजन से ठीक पहले भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने ब्याज दर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इसके बाद रेपो रेट बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। करीब साढ़े तीन साल बाद आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाया है। इस फैसले का सीधा असर बैंक से लोन लेने वाले लोगों पर पड़ सकता है।
होम लोन वालों की बढ़ सकती है चिंता
रेपो रेट बढ़ने का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जिनका होम लोन या दूसरा कर्ज फ्लोटिंग ब्याज दर पर चल रहा है। बैंक अपनी ब्याज दरों में बदलाव करते हैं तो मौजूदा ग्राहकों की ईएमआई बढ़ सकती है या लोन चुकाने की अवधि बढ़ सकती है। यानी दिवाली पर खरीदारी की तैयारी कर रहे परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ आ सकता है। हालांकि आपकी ईएमआई कितनी बढ़ेगी, यह आपके बैंक, लोन की ब्याज दर और बाकी रकम पर निर्भर करेगा।
कार और दूसरे लोन भी हो सकते हैं महंगे
सिर्फ होम लोन ही नहीं, कार लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। कई बैंकों ने आरबीआई के फैसले के बाद अपनी रेपो से जुड़ी ब्याज दरों में बदलाव शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति आने वाले दिनों में नया लोन लेने की योजना बना रहा है तो उसे पहले ब्याज दर और ईएमआई की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
आरबीआई ने क्यों लिया ऐसा फैसला
आरबीआई का मुख्य मकसद बढ़ती महंगाई पर काबू रखना है। कच्चे तेल की कीमतों, खाने-पीने की चीजों और दुनिया की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 7.1 फीसदी किया है। यानी महंगाई पर नजर रखते हुए केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।
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आगे क्या होगा और आम लोगों पर असर
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है। आगे फैसला महंगाई और आर्थिक हालात को देखकर लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में ब्याज दर या तो इसी स्तर पर रह सकती है या फिर बढ़ सकती है। ऐसे में लोन लेने वाले लोगों को अपनी ईएमआई का बजट पहले से तैयार रखना होगा। वहीं जिन लोगों की बचत एफडी जैसे विकल्पों में है, उन्हें भविष्य में बेहतर ब्याज मिलने की उम्मीद भी हो सकती है।