डिजिटल दौर में निवेश आसान हुआ है, लेकिन इसके साथ वित्तीय धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। पोंजी स्कीम, चिटफंड और फर्जी निवेश योजनाओं में लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं और फिर पुलिस–वकीलों के चक्कर काटते रहते हैं। ऐसे पीड़ितों की मदद के लिए रिजर्व बैंक ने “SACHET” पोर्टल शुरू किया है, जो अवैध डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाली स्कीमों पर रोक लगाने का प्रभावी साधन बन चुका है।
RBI का ‘SACHETसचेत’ कैसे करता है काम?
सबसे बड़ी दिक्कत होती है—शिकायत कहां करें? RBI, SEBI, IRDAI या स्थानीय पुलिस—आम लोग रेगुलेटर की पहचान नहीं कर पाते। SACHET इस समस्या का समाधान है। यह एक स्मार्ट सिंगल-विंडो सिस्टम है। आप बस शिकायत दर्ज करें, यह खुद तय करता है कि मामला किस विभाग से जुड़ा है और उसे सही स्थान पर फॉरवर्ड कर देता है। इससे पीड़ितों को अलग–अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
ये भी पढ़ें : BJP-JDU में मंत्री पदों की खींचतान के बीच 20 नवंबर को Nitish कैबिनेट लेगा शपथ
घर बैठे ऐसे करें शिकायत दर्ज
किसी भी प्रकार के वित्तीय धोखे के शिकार होने पर प्रक्रिया सरल है
ब्राउज़र में sachet.rbi.org.in खोलें
‘File a Complaint’ पर क्लिक करें
धोखाधड़ी वाली कंपनी, ऐप या व्यक्ति की जानकारी भरें
पूरा घटनाक्रम विस्तार से लिखें—कब निवेश किया, कितना पैसा लगाया और क्या वादा किया गया था
अगर रेगुलेटर समझ न आए तो “I am unable to identify the regulator” चुनें
यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है और घर बैठे पूरी की जा सकती है।
शिकायत को मजबूत बनाने के लिए सबूत जरूरी
SACHET पर शिकायत दर्ज करते समय ध्यान रखें कि विवरण स्पष्ट हो तारीख, रकम और घटना का क्रम।
बैंक ट्रांजेक्शन, रसीद, वॉट्सऐप चैट, प्रॉमिसरी नोट या कोई भी दस्तावेज अपलोड करें। ग्रुप शिकायत भी कर सकते हैं, जिसका असर अक्सर ज्यादा होता है। शिकायत सबमिट करते ही एक यूनिक नंबर मिलता है, जिससे आप आगे स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। RBI का यह पोर्टल उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो डिजिटल दुनिया की ठगी से परेशान होकर न्याय नहीं पा पाते।