भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड दिया है. यह पिछले वर्ष के मुकाबले 27.4% ज्यादा है और बीते 9 साल में लगभग 9 गुना इजाफा दर्शाता है. इस डिविडेंड से सरकार के खजाने में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है.विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान भारत को युद्ध में उलझाकर और अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के चलते आर्थिक नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे. लेकिन आरबीआई की इस रिकॉर्ड राशि ने इन दोनों देशों के प्लान को सफल होने से रोक दिया है.
डिविडेंड से रक्षा और विकास मद को मिलेगा बल
सरकार को मिलने वाली यह राशि सीमा शुल्क और रक्षा मद के बढ़े खर्च को पूरा करने में सहायक होगी. इससे भारत को किसी बाहरी सहायता की जरूरत महसूस नहीं होगी और देश की आर्थिक ग्रोथ को भी मजबूती मिलेगी.
आर्थिक स्थिरता के लिए मजबूत कदम
आरबीआई ने अपने संशोधित आर्थिक पूंजी ढांचे के तहत आकस्मिक जोखिम बफर बढ़ाकर 7.5% किया है, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. इसके साथ ही सरकार के लिए गैर-कर राजस्व में वृद्धि का भी मार्ग खुला है.
आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा लाभांश
विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले सालों में आरबीआई का डिविडेंड 3 से 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह संकेत है कि भारत की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होने वाली है, जो देश की सशक्तता को बढ़ावा देगा.