रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 का खिताबी मुकाबला जीतकर इतिहास रच दिया है। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में आरसीबी ने गुजरात को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। रजत पाटीदार की कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और पूरे सीजन की मेहनत का इनाम हासिल किया। इस जीत के बाद खिलाड़ियों और फैंस के बीच जश्न का माहौल है। ट्रॉफी के साथ टीम को 20 करोड़ रुपये की बड़ी प्राइज मनी भी मिली है।
ट्रॉफी के साथ मिली मोटी रकम
फाइनल जीतने के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में आरसीबी को 20 करोड़ रुपये का नकद इनाम दिया गया। आईपीएल में यह सबसे बड़ी टीम प्राइज मनी में से एक मानी जाती है। लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के कारण यह जीत आरसीबी के लिए और भी खास बन गई। लेकिन कई फैंस यह नहीं जानते कि टीम को घोषित की गई पूरी रकम सीधे नहीं मिलती। इस राशि पर आयकर नियम भी लागू होते हैं।
टैक्स ने बदला पूरा हिसाब
भारत में खेल प्रतियोगिताओं में मिलने वाली प्राइज मनी पर विशेष टैक्स नियम लागू होते हैं। आयकर कानून की धारा 194B के तहत ऐसी पुरस्कार राशि पर टीडीएस काटा जाता है। इस नियम के मुताबिक 30 प्रतिशत टैक्स और उस पर 4 प्रतिशत सेस लगाया जाता है। यानी कुल 31.2 प्रतिशत रकम टैक्स के रूप में कट जाती है। यही नियम आईपीएल की विजेता टीम की प्राइज मनी पर भी लागू होता है।
20 करोड़ में से कितना बचेगा?
अगर 20 करोड़ रुपये की प्राइज मनी पर 31.2 प्रतिशत टैक्स लगाया जाए तो लगभग 6.24 करोड़ रुपये सीधे टैक्स के रूप में कट जाएंगे। इसके बाद आरसीबी के पास करीब 13.76 करोड़ रुपये की वास्तविक राशि बचेगी। यानी ट्रॉफी जीतने के बावजूद टीम को घोषित रकम से काफी कम पैसा मिलेगा। हालांकि इसके बावजूद यह राशि किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
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सिर्फ टीम नहीं, खिलाड़ियों को भी फायदा
आईपीएल में केवल टीमों को ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों को भी अलग-अलग पुरस्कारों के जरिए बड़ी रकम मिलती है। प्लेयर ऑफ द मैच, ऑरेंज कैप, पर्पल कैप, मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर और अन्य व्यक्तिगत अवॉर्ड्स के साथ भी नकद इनाम दिए जाते हैं। हालांकि इन पुरस्कारों पर भी टैक्स नियम लागू होते हैं। आरसीबी के लिए यह सीजन सिर्फ ट्रॉफी जीतने का नहीं बल्कि इतिहास रचने का रहा। लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के बाद टीम अब चेन्नई और मुंबई जैसी सफल फ्रेंचाइजी की खास सूची में शामिल हो चुकी है।