Real Paneer : पनीर भारतीय खाने का एक लोकप्रिय हिस्सा है, लेकिन इसकी बढ़ती कीमतों के बीच बाजार में मिलने वाले सस्ते पनीर को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. दूध से तैयार होने वाले पनीर की लागत काफी अधिक पड़ती है, जबकि कुछ जगहों पर इससे बहुत कम कीमत में पनीर की सप्लाई होने की बात सामने आई है. यही अंतर उपभोक्ताओं को सावधान करने के लिए काफी है.
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर देखने में सामान्य पनीर जैसा ही दिखाई दे सकता है, लेकिन इसे पारंपरिक तरीके से सिर्फ दूध से नहीं बनाया जाता. इसमें वनस्पति तेल, स्टार्च, मिल्क सॉलिड और दूसरे खाद्य घटकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. तय मानकों के अनुसार बना और सही लेबल वाला एनालॉग उत्पाद अपने आप में नकली नहीं माना जाता। समस्या तब होती है, जब इसे दूध से बना असली पनीर बताकर बेचा जाए.
कीमत से भी मिल सकता है संकेत
असली पनीर तैयार करने में दूध की बड़ी मात्रा की जरूरत होती है, इसलिए इसकी लागत स्वाभाविक रूप से ज्यादा रहती है. इसके मुकाबले एनालॉग पनीर कम लागत में तैयार किया जा सकता है. रिपोर्टों में ऐसे उत्पादों की कीमत और सामान्य डेयरी पनीर के बीच बड़ा अंतर बताया गया है। इसलिए बाजार में बेहद कम दाम पर मिलने वाले पनीर को खरीदते समय सावधानी बरतना बेहतर है.
घर पर कैसे पहचानें?
पनीर खरीदते समय सबसे पहले उसका लेबल, सामग्री और पैकिंग की जानकारी देखें. अगर पैकेट पर 'Analogue' या 'Non-Dairy' लिखा है, तो वह पारंपरिक दूध वाला पनीर नहीं है। खुले पनीर में यह जानकारी आसानी से नहीं मिलती, इसलिए भरोसेमंद विक्रेता से खरीदारी करना बेहतर है.
बनावट और स्वाद पर दें ध्यान
असली पनीर आमतौर पर नरम होता है और आसानी से टूट जाता है. इसके मुकाबले कुछ एनालॉग या सिंथेटिक उत्पाद ज्यादा चिकने, सख्त या रबड़ जैसे महसूस हो सकते हैं. हालांकि, केवल देखकर या छूकर पनीर की शुद्धता का पक्का फैसला नहीं किया जा सकता. संदेह होने पर खाद्य विभाग की जांच सबसे भरोसेमंद तरीका है.
खरीदारी में बरतें सावधानी
पनीर खरीदते समय सिर्फ कम कीमत को प्राथमिकता न दें. पैक्ड उत्पाद में लेबल, सामग्री, निर्माण और समाप्ति की तारीख जरूर देखें. बाहर खाना खाते समय भी जरूरत पड़ने पर रेस्टोरेंट से पूछ सकते हैं कि इस्तेमाल किया गया पनीर डेयरी पनीर है या एनालॉग. इस छोटी-सी सावधानी से आप अपनी थाली में आने वाले पनीर को लेकर ज्यादा जागरूक रह सकते हैं.