Gold Jewellery Sales : इस साल दशहरे पर आभूषणों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर रही। सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के कारण ग्राहकों ने खरीदारी में सावधानी बरती, जिससे त्योहारी मांग को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल पाया। अब ज्वेलर्स की उम्मीदें धनतेरस पर टिकी हैं, जिसे भारत में सोना खरीदने के लिए शुभ अवसर माना जाता है। उद्योग जगत के अधिकारियों के मुताबिक, गणेश चतुर्थी के दौरान भी सोने की बिक्री में सालाना आधार पर लगभग 15 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक खरीदारी पूरी तरह छोड़ने के बजाय कम वजन और बजट के अनुकूल आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कम वजन वाले गहनों की मांग
मुंबई की कामा जूलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह के मुताबिक, ग्राहक शुभ अवसरों पर सोना खरीदने की परंपरा कायम रखते हुए अपने पैसे का बेहतर मूल्य तलाश रहे हैं। इसी वजह से हल्के आभूषणों और 9 कैरेट सोने की मांग बढ़ रही है। खासकर युवा और पहली बार सोना खरीदने वाले ग्राहक ऐसे विकल्प पसंद कर रहे हैं, जिनकी कीमत अपेक्षाकृत कम हो। इसके अलावा, 1.5 लाख से 3 लाख रुपये के बजट में प्राकृतिक और लैब में तैयार हीरे जड़े आभूषणों में भी दिलचस्पी बढ़ी है। इससे ज्वेलर्स अपने डिजाइन और उत्पादों की पेशकश में बदलाव कर रहे हैं।
सोने की कीमतों ने बदला रुझान
इस दशहरे पर सोने की कीमत पिछले साल के मुकाबले करीब 35 फीसदी बढ़कर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। पिछले साल इसी अवसर पर कीमत लगभग 1.10 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इतनी बड़ी बढ़ोतरी का असर ग्राहकों के बजट पर पड़ा है। जेन डायमंड इंडिया के प्रबंध निदेशक नील सोनावाला के अनुसार, ग्राहक अब ऐसे आभूषण पसंद कर रहे हैं जिन्हें रोजमर्रा के इस्तेमाल के साथ त्योहारों पर भी पहना जा सके। भारी और केवल विशेष अवसरों के लिए खरीदे जाने वाले गहनों पर खर्च करने से कई ग्राहक बच रहे हैं।
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हीरे जड़े डिजाइन भी पसंदीदा
कम कीमत वाले विकल्पों में 9 कैरेट और 14 कैरेट सोने के आभूषण भी ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं। जेन डायमंड इंडिया के मुताबिक, उसके कैटलॉग में हल्के और हीरे जड़े आभूषणों की हिस्सेदारी लगभग 65 से 70 फीसदी है। कंपनी के अनुसार, त्योहारी सीजन में बिक्री को बढ़ावा देने में इन डिजाइनों की अहम भूमिका रही है। प्राकृतिक हीरों के साथ लैब में तैयार हीरों वाले आभूषण भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। इससे बाजार में पारंपरिक भारी गहनों के अलावा आधुनिक और बजट के अनुकूल डिजाइनों की मांग बढ़ती दिखाई दे रही है।
धनतेरस पर ज्वेलर्स को उम्मीद
ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करने में फाइनेंसिंग और गोल्ड-एक्सचेंज योजनाएं भी मदद कर रही हैं। फाइनेंसिंग से भुगतान को किस्तों में बांटने का विकल्प मिलता है, जबकि गोल्ड-एक्सचेंज के जरिए पुराने आभूषण देकर नए डिजाइन खरीदे जा सकते हैं। यह रुझान केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। 55 साल से अधिक उम्र के ग्राहक भी पुराने गहनों को बदलकर आधुनिक डिजाइन अपना रहे हैं। अब ज्वेलर्स को उम्मीद है कि धनतेरस पर शुभ खरीदारी की परंपरा मांग को सहारा देगी। हालांकि, बिक्री में कितनी तेजी आएगी, यह सोने की कीमतों और ग्राहकों के बजट पर निर्भर करेगा।