Red Fort blast case: लाल किला ब्लास्ट मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार शाम डॉ. शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान एजेंसी को उसके पास से तीन कीपैड फोन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्मार्टफोन के दौर में डॉक्टर परवेज अब भी कीपैड फोन का इस्तेमाल कर रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि वह इन फोन का इस्तेमाल ट्रैकिंग से बचने के लिए करता था। बता दें कि लाल किला ब्लास्ट में डॉक्टर शाहीन को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है, जबकि उसका भाई परवेज अब संदिग्ध भूमिका में है।
कीपैड फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और हथियार बरामद
सूत्रों के मुताबिक, एटीएस को परवेज के पास से तीन कीपैड फोन, एक हार्डडिस्क और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए हैं। इसके अलावा, उसके पास से कुछ धारदार हथियार भी मिले हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि डॉक्टर परवेज आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सदस्य मुजामिल के संपर्क में था। वह अपनी बहन डॉ. शाहीन से भी लगातार संपर्क में रहता था। एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इन दोनों ने मिलकर किसी आतंकी साजिश की योजना बनाई थी या नहीं।
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शाहीन कट्टर नहीं थी
इसी बीच, डॉ. शाहीन के बड़े भाई शोएब ने बताया कि परिवार का शाहीन और परवेज से कई सालों से संपर्क नहीं था। उन्होंने कहा कि शाहीन पढ़ाई में बहुत तेज थी, लेकिन बीते चार सालों से परिवार से पूरी तरह अलग थी। शोएब ने दावा किया कि शाहीन स्वभाव से कट्टर नहीं थी और उसके दोनों बच्चे तलाक के बाद अपने पिता के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को इन दोनों के हालिया गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। शोएब ने बताया कि एटीएस ने उनसे पूछताछ जरूर की, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सहयोगी रवैया अपना रही हैं और परिवार अब भी जांच पर भरोसा रखता है।