दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुई कार-घटना के बाद जो जांच सामने आई है, उसने पूरे देश को हैरान कर दिया है. शुरुआती जांच में पता चला कि जिस i20 कार में घटना हुई, उसका लिंक पुलवामा निवासी डॉ. उमर से जुड़ रहा है, जो हरियाणा के फरीदाबाद में एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाता था. CCTV फुटेज और कार की पिछले मालिकों की चेन से पुलिस यह मान रही है कि इसी डॉ. उमर का इस कार से कनेक्शन था. इससे भी बड़ा खुलासा ये है कि इस पूरे नेटवर्क में कुल चार डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं और ये चारों किसी न किसी रूप में हरियाणा या वहां की यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए हैं.
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तार
जांच टीम को पता चला कि घटना से कुछ घंटे पहले ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में 2,900 किलो संदिग्ध सामग्री, उपकरण और अन्य सामान बरामद किया था. इस ऑपरेशन के दौरान पहली गिरफ्तारी अनंतनाग मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदिल अहमद की हुई, जिसके लॉकर से एक राइफल मिली. दूसरी गिरफ्तारी हरियाणा के फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से हुई, जहां लखनऊ की महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से असॉल्ट राइफल बरामद हुई. तीसरा नाम डॉ. मुझमिल शकील का है, जो फरीदाबाद से ही पकड़ा गया और उसके दो ठिकानों से 2,900 किलो से ज्यादा सामग्री मिली. चौथा नाम और सबसे बड़ा कड़ी डॉ. उमर मोहम्मद है, जिस कार से लाल किला केस हुआ वो उसके नाम पर थी और घटना के समय वही कार चला रहा था, ऐसा शक जताया जा रहा है. इन चारों के कनेक्शन हरियाणा की यूनिवर्सिटीज़, अस्पतालों और पढ़ाई से जुड़े मिले हैं, जिससे एजेंसियों का शक और गहरा हो गया है.
हरियाणा की कार में ब्लास्ट से संदेश !
फरीदाबाद में लगातार हो रही कार्रवाई, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े नाम, बरामद सामग्री और डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को साफ संकेत दिए हैं कि ये नेटवर्क सिर्फ कश्मीर तक सीमित नहीं, बल्कि हरियाणा तक फैला हुआ है. पुलवामा से पकड़े गए तीन संदिग्धों तारिक अहमद, आमिर राशिद और उमर राशिद के पूछताछ में भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. बताया जा रहा है कि जिस कार से घटना हुई, वो भी पहले हरियाणा में रजिस्टर्ड थी और कई बार खरीदी-बेची गई थी. वहीं, टेलीग्राम पर वायरल एक पोस्ट की भी जांच हो रही है, जिसमें इस घटना को लेकर दावा किया गया था, जिसे फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है.