दिल्ली लाल किला केस ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए धमाके में अब तक कई लोगों की जान गई और कई लोगों के घायल होने की खबर है, इस बीच जांच एजेंसियों को शुरुआती पड़ताल में बड़ा सुराग मिला है, सूत्रों की मानें तो इस केस का सीधा कनेक्शन हरियाणा के फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है, जहां बीते दिन भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की गई थी. अब एजेंसियों को शक है कि लाल किला केस में इस्तेमाल हुई I-20 कार भी इसी नेटवर्क से जुड़ी थी. कार की सीसीटीवी मैपिंग में सामने आया कि ये बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हुई और धमाके से ठीक पहले सुनहरी मस्जिद के पास 3 घंटे तक पार्किंग में खड़ी रही. कार में मौजूद शख्स की पहचान को लेकर DNA टेस्ट कराया जा रहा है, जिससे पता लगाया जा सके कि वो कश्मीर का डॉक्टर उमर मोहम्मद था या नहीं.
उमर मोहम्मद की तलाश तेज
रिपोर्ट्स की मानें तो जांच एजेंसियों को इस केस में लगातार दूसरे बड़े सुराग भी मिल रहे हैं. पता चला है कि I-20 कार कई हाथों में बदलते हुए अंत में उमर तक पहुंची थी. गुरुग्राम में रजिस्टर्ड इस कार को पहले सलमान, फिर नदीम, फिर तारिक और अंत में उमर ने खरीदा था. पुलिस ने तारिक और उससे जुड़े आमिर नाम के व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि संदिग्ध कार में घटना से पहले सिर्फ एक व्यक्ति था, जिससे एजेंसियों का ध्यान अब पूरी तरह उमर मोहम्मद की तलाश पर है. फरीदाबाद केस में बरामद सामग्री और लाल किला केस में मिले ट्रेसेस ने दोनों मामलों की कड़ियों को और मजबूत कर दिया है. इस बीच दिल्ली पुलिस ने केस में UAPA सहित कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर दी है और 100 से ज्यादा CCTV फुटेज की जांच जारी है.
फास्ट-ट्रैक जांच के निर्देश जारी
इस पूरे मामले ने सरकार तक हलचल पहुंचा दी है. सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई और दिल्ली पुलिस, NIA, IB और फरीदाबाद पुलिस को संयुक्त रूप से फास्ट-ट्रैक जांच के निर्देश दिए हैं. शाह ने साफ कहा कि लाल किला केस से जुड़े हर कनेक्शन की गहराई से जांच हो और इस नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए. वहीं जांच एजेंसियां FSL की पहली रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं, जिससे कार में इस्तेमाल हुए पदार्थ की पुष्टि हो सकेगी. देश की सुरक्षा एजेंसियां अब दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से मिले इन सुरागों को जोड़कर पूरा नेटवर्क समझने में जुट गई हैं.