दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। सबसे पहले इजरायल और अफगानिस्तान ने इस धमाके की निंदा की है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने एक्स पर लिखा कि वे भारत और धमाके में मारे गए निर्दोष पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। वहीं, अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने भी इस हमले पर दुख जताया है और भारत सरकार व जनता के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है। ये दोनों देश मध्यपूर्व और दक्षिण एशिया के लिहाज से भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाते हैं।
ड्रोन और लेज़र-गाइडेड बम मुहैया कराए !
भारत और इजरायल के संबंध दशकों से गहरे होते चले आए हैं। 1992 में भारत ने तेल अवीव में दूतावास खोलकर औपचारिक संबंध शुरू किए थे। तब से दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मज़बूती दी है। कारगिल युद्ध के दौरान इजरायल ने भारत को जीपीएस डेटा, ड्रोन और लेज़र-गाइडेड बम मुहैया कराए थे। इतना ही नहीं, 1971 की जंग में भी जब अमेरिका पाकिस्तान के साथ खड़ा था, तब इजरायल ने भारत को हथियार और गोला-बारूद भेजा था। हाल के वर्षों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इजरायली रडार और साइबर तकनीक ने भारत की मदद की थी।
हमास ने इजरायल पर हमला किया !
भारत ने भी कई मौकों पर इजरायल का साथ दिया है। 7 अक्टूबर 2023 को जब हमास ने इजरायल पर हमला किया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत इजरायल के समर्थन में बयान दिया था। इजरायल ने भी इस बात को याद करते हुए कहा कि दुनिया के नेताओं में सबसे पहले पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन कर संवेदना जताई थी। इस तरह आतंकवाद के खिलाफ भारत और इजरायल का रिश्ता अब सिर्फ सहयोग नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो चुका है।
अफगानिस्तान के साथ संबंध मजबूत !
वहीं, अफगानिस्तान के साथ भारत के संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। तालिबान के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली धमाके की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई है। भारत पहले भी अफगानिस्तान को मानवीय और आर्थिक सहायता देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्रीय देश रहा है। भारत ने अब तक 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद अफगानिस्तान को दी है। अफगानिस्तान अब भारत को सच्चा दोस्त कहता है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते फिर से मजबूत होते दिख रहे हैं। उधर, अमेरिका और रूस ने भी धमाके पर शोक जताया है, हालांकि दोनों देशों की शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।