Delhi Blast: लाल किला के बाहर हुई कार बम धमाके के मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी डॉ. उमर नबी बट की संभावित गतिविधियों का पता लगाने के लिए एनआईए, सीबीआई, एनएसजी और एफएसएल की टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और डंप डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।
संभावित गतिविधियों के रिकॉर्ड खंगाल रहे
सूत्रों के अनुसार, 29 अक्टूबर को फरीदाबाद में कार खरीदने के अगले दिन यानी 30 अक्टूबर की रात से लेकर धमाके से एक दिन पहले 10 नवंबर की शाम तक उमर कहां था, किन लोगों के संपर्क में था और उसने साजिश को अंजाम देने के लिए किन सहयोगियों का इस्तेमाल किया, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच दल जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ, गुरुग्राम, पलवल, नूंह, फरीदाबाद और दिल्ली के कई इलाकों में उसकी संभावित गतिविधियों के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।
साजिश की असली जड़ें 11 दिनों में छिपी
अधिकारियों का कहना है कि धमाके की योजना इन 11 दिनों में बनी थी। जांच दल उमर के सभी संपर्कों का पता लगाने में जुटा है ताकि यह साफ हो सके कि क्या उसने अकेले साजिश रची थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था। एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग भविष्य में किसी बड़े हमले में मददगार साबित हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, उमर उच्च प्रशिक्षित आतंकवादी था और काउंटर-ट्रैकिंग तकनीकों में भी माहिर था। 30 अक्टूबर की रात जैसे ही उमर को अपने सहयोगी डॉ. मुजम्मिल और अन्य साथियों के पकड़े जाने की सूचना मिली, उसने अपने दोनों मोबाइल फोन बंद कर दिए और गायब हो गया।
संयुक्त जांच टीम जुटी
दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, यूपी एटीएस, हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की टीमें उन सभी संभावित लोगों की सूची तैयार कर रही हैं जो हाल के दिनों में उमर के संपर्क में आए थे।
डिजिटल निगरानी में उमर
उमर के डिजिटल उपकरणों से सीमित डेटा बरामद हुआ है, जिसमें एन्क्रिप्टेड चैट और इंटरनेट कॉल शामिल हैं। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया पर उमर से सहानुभूति रखने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
दरगाह फैज़ इलाही से कनेक्शन की तलाश
एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त जांच में बुधवार को तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज़ इलाही मस्जिद से जमात से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन मस्जिद समिति के सदस्यों से जमातियों की आवाजाही और ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
पुलिस कर रही है जांच
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, उमर विस्फोटकों से भरी कार लेकर तुर्कमान गेट पहुँचा और मस्जिद में कुछ समय बिताने के बाद कार सड़क पर खड़ा कर चला गया। पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह उमर का पहली बार मस्जिद दौरा था या वह पहले भी यहां आ चुका था। जांच अधिकारी मानते हैं कि उमर ने दिल्ली और आसपास के राज्यों में संभावित ठिकानों की पहचान की थी और यह पता लगाना कि वह किस मॉड्यूल से जुड़ा था, एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।