राजधानी दिल्ली उस वक्त दहशत में आ गई जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक चलती कार अचानक आग की गेंद बन गई. इस घटना में 9 लोगों की मौत और 24 घायल हुए और अब जो खुलासे सामने आ रहे हैं, उन्होंने पूरे देश को हिला दिया है. CCTV फुटेज, कार की पुरानी खरीद-बिक्री और संदिग्धों की गिरफ्तारी से ये स्पष्ट हो गया है कि मामला बेहद गंभीर है और इसके तार हरियाणा से लेकर पुलवामा तक जुड़ रहे हैं. इसी कारण जांच एजेंसियां पूरी ताकत से मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं. खबरों की मानें तो जिस कारसे घटना हुई उसका नंबर HR 26 CE 7674 हैं, बताया जा रहा है कि ये कार कई बार खरीदी-बेची जा चुकी थी सलमान, देवेंद्र, अंबाला के एक व्यक्ति, फिर पुलवामा निवासी तारिक और अंत में उमर तक इसे खरीदा-बेचा गया है, पुलिस का संदेह है कि कार में सवार व्यक्ति वही उमर था, जिसकी तलाश फरीदाबाद मॉड्यूल केस में पहले से चल रही थी. हालांकि उसकी पहचान डीएनए टेस्ट के बाद ही पक्की होगी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की आवाज़ इतनी तेज थी कि आईटीओ तक सुनाई दी और कई वाहनों के शीशे टूट गए.
चौंकाने वाली कड़ी फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ना
जांच आगे बढ़ने के साथ सबसे चौंकाने वाली कड़ी फरीदाबाद मॉड्यूल का जुड़ना है. बता दें हाल ही में इस मॉड्यूल से संदिग्ध सामग्री और कई उपकरण बरामद किए गए थे, और डॉक्टर मुजम्मिल, आदिल और शाहीन शाहिद गिरफ्तार हुए थे. इन्हीं पर काम करने वाले उमर की गतिविधियों पर एजेंसियों को पहले से शक था. CCTV में दिखे काले मास्क वाले व्यक्ति की शक्ल और मूवमेंट ने शक को और मजबूत किया है. फुटेज के अनुसार, कार दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में आई और 6:48 बजे निकली, यानी संदिग्ध वहां घंटों बैठा रहा या तो वो किसी का इंतज़ार कर रहा था या किसी निर्देश की प्रतीक्षा कर रहा था. पुलिस अब 200 से ज्यादा फुटेज खंगाल रही है और 13 संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. कार की चेन, उसके मालिकों और पुलवामा लिंक ने जांच को और गंभीर बना दिया है.
NIA, NSG और फोरेंसिक टीमें अलर्ट मोड पर
हालांकि घटना के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह LNJP अस्पताल पहुंचे, घायलों से मिले और एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए. दिल्ली, मुंबई और कई बड़े शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. लाल किला मेट्रो स्टेशन के कुछ गेट बंद कर दिए गए हैं और सीमाओं पर सुरक्षा दोगुनी कर दी गई है. NIA, NSG और फोरेंसिक टीमें मिलकर जांच कर रही हैं. फोरेंसिक रिपोर्ट आज आने की संभावना है, जो इस केस की दिशा तय कर सकती है. एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या लाल किला केस किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था. फरीदाबाद मॉड्यूल के तार पुलवामा तक जुड़ने के बाद केंद्र ने राज्यों को सतर्क रहने के आदेश जारी किए हैं और सभी संभावित संपर्कों की सूची तैयार की जा रही है.