दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, और इस पूरे केस ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. शुरुआती जांच के बाद जो सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है, वह है जम्मू-कश्मीर के पुलवामा कनेक्शन. सोमवार रात पुलवामा के अवंतीपोरा थाना क्षेत्र से तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद केस और गंभीर हो गया है.
कौन हैं हिरासत में लिए गए तीन संदिग्ध?
जिन्हें हिरासत में लिया गया है, उनमें तारिक अहमद मलिक, आमिर राशिद और उसका भाई उमर राशिद शामिल हैं। आमिर वही युवक है जिसकी एक संदिग्ध तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. बताया जा रहा है कि आमिर तारिक के सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था, जिससे शक और गहरा हुआ. सूत्रों के मुताबिक तारिक और आमिर को पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया गया है, जबकि उमर से पैम्पोर थाने में ही पूछताछ चल रही है.
कार और डॉ. उमर का नाम क्यों आया सामने?
ब्लास्ट में जिस कार का इस्तेमाल हुआ, वह कथित तौर पर तारिक अहमद मलिक ने डॉक्टर उमर यू. नबी को दी थी. डॉक्टर उमर, जो फरीदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाता था, हाल ही में उजागर हुए फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. पुलिस का संदेह है कि ब्लास्ट में मारा गया संदिग्ध ड्राइवर वही डॉ. उमर हो सकता है. हालांकि अंतिम पुष्टि डीएनए रिपोर्ट के बाद होगी.
सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट की जांच जारी
इसी बीच टेलीग्राम पर एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें एक प्रतिबंधित संगठन ने इस केस की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया कि यह कार्रवाई पीओके में हुई एक कथित घटना का बदला है. पुलिस ने इस पोस्ट की पुष्टि नहीं की है, लेकिन साइबर टीम और स्पेशल सेल इसे गंभीरता से जांच रही है, बता दें लाल किला केस अब दिल्ली से निकलकर हरियाणा, फरीदाबाद और पुलवामा तक पहुंच चुका है. एजेंसियां लगातार पूछताछ और तकनीकी जांच में जुटी हैं और आने वाले 24 घंटे इस केस के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.