आसमान में मंडरा रहे बड़े खतरे के बीच अदम्य साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा अब दुनियाभर में हो रही है। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में सह-पायलट के हमले के बाद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने जिस सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया, उसकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तारीफ की। ट्रंप ने उन्हें एक तरह से हीरो बताया और उनके फैसले को असाधारण साहस का उदाहरण माना।
हमले के बावजूद कॉकपिट से नहीं हटे स्मित
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया। इस हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश जारी रखी। सबसे अहम कदम के तौर पर उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
ट्रंप ने कहा- स्मित एक हीरो हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन स्मित की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर स्थिति में भी पायलट का कॉकपिट का दरवाजा खोल पाना बेहद महत्वपूर्ण था और इसी वजह से उन्हें एक तरह से हीरो कहा जा सकता है। ट्रंप की टिप्पणी के बाद स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और तेज हो गई।
नेतन्याहू ने भी किया बहादुरी को सलाम
स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रही। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट को असाधारण साहस के लिए सलाम किया। नेतन्याहू के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों तथा क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। उन्होंने इस कार्रवाई को बड़ी हवाई त्रासदी को टालने वाला कदम बताया।
भारत में भी बढ़ा सम्मान, मोदी ने बताया हीरो
कैप्टन स्मित की बहादुरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी जमकर तारीफ की। मोदी ने उन्हें हीरो बताते हुए कहा कि बेहद गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। घटना के बाद स्मित को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही प्रशंसा इस बात को रेखांकित करती है कि संकट की घड़ी में उनकी सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा ने संभावित बड़े हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।