
Old Vehicles: देशभर में पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव कर दिए गए हैं। अब गाड़ी के पुराने होने पर उसका रजिस्ट्रेशन बढ़वाने के लिए ज्यादा फीस चुकानी होगी। सरकार ने यह कदम सड़क पर चल रहे पुराने वाहनों को नियंत्रण में रखने और प्रदूषण पर काबू पाने के उद्देश्य से उठाया है। नियमों के तहत, किसी भी वाहन की एक तय अवधि के बाद रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाता है और उसे आगे चलाने के लिए नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है। नई दरों के लागू होने से अब वाहन मालिकों की जेब पर पहले से ज्यादा बोझ पड़ने वाला है।
अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग शुल्क
नए नियमों के मुताबिक, मोटरसाइकिल मालिकों को अब पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन बढ़वाने के लिए 2,000 रुपये देने होंगे। तीनपहिया और क्वाड्रिसाइकिल के लिए यह शुल्क 5,000 रुपये तय किया गया है। हल्के मोटर वाहन यानी कार के मालिकों को 10,000 रुपये तक चुकाने होंगे। वहीं इंपोर्टेड वाहनों पर और भी ज्यादा बोझ बढ़ गया है। इंपोर्टेड दोपहिया या तीनपहिया वाहन पर 20,000 रुपये जबकि इंपोर्टेड चारपहिया या उससे बड़े वाहनों पर 80,000 रुपये तक का शुल्क लगेगा। इसके अलावा अन्य श्रेणी के वाहनों पर 12,000 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क रखा गया है। ध्यान देने वाली बात है कि इन दरों में जीएसटी शामिल नहीं है
दिल्ली-एनसीआर में कोई राहत नहीं
दिल्ली-एनसीआर के वाहन मालिकों को इन नए नियमों का फायदा नहीं मिलेगा। यहां 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर पहले से ही बैन लागू है। ऐसे में यहां के वाहन मालिक रजिस्ट्रेशन बढ़वाने का विकल्प भी नहीं चुन सकते। सरकार ने साफ किया है कि नए शुल्क संबंधी नियम दिल्ली-एनसीआर में लागू नहीं होंगे। हालांकि, देश के अन्य राज्यों और शहरों में यह नियम लागू हो चुके हैं। इसका मतलब है कि वहां के वाहन मालिक अतिरिक्त फीस देकर अपने पुराने वाहन का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।