Relief Amid Energy Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू एलपीजी की फिलहाल कोई कमी नहीं है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी पहले की तरह ही होती रहेगी।
दो LNG कार्गो भारत की ओर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकारी गैस कंपनियों ने वैकल्पिक स्रोतों से एलएनजी की खरीद की है। इसके तहत दो एलएनजी कार्गो भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। फिलहाल एलपीजी की उपलब्धता को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि गैर-घरेलू उपयोग में अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
गैप 21 से बढ़कर 25 दिन
मांग को संतुलित रखने के लिए सरकार ने कुछ अस्थायी कदम भी उठाए हैं। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला केवल मांग प्रबंधन के लिए लिया गया है। साथ ही सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा खुद वहन किया है, ताकि आम उपभोक्ताओं पर बोझ कम पड़े।
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घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
सरकार ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए गैस की उपलब्धता का सावधानीपूर्वक प्रबंधन किया जा रहा है। बीपीसीएल, आईओसी और एचपीसीएल के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति विभिन्न क्षेत्रों की मांग की समीक्षा कर रही है और जरूरत के अनुसार आवंटन तय कर रही है। उद्देश्य यह है कि उपलब्ध गैस पारदर्शी और संतुलित तरीके से लोगों तक पहुंचे।
जमाखोरी पर सख्ती
इसी बीच केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों के डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एलपीजी को लेकर किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि एलपीजी आयात और सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।