
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से मचैल माता मंदिर यात्रा मार्ग पर भारी तबाही देखने को मिली। इस आपदा के दौरान 30 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बचाव और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। इस मामले से लोगों में दहशत देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि वे कभी भी इस घटना को भूल नहीं सकेंगे। पीएम मोदी ने भी इस घटना को लेकर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सीएम उमर अब्दुल्ला से मामले में फोन पर बातचीत की है।
इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश के उज्जैन से आए एक शख्स का कहना है कि हल्की-हल्की बरसात हो रही थी, लेकिन हमें बिल्कुल इस बात का अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी आपदा आ जाएगी। हम किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले। यह घटना जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि हम यहां पर कई बार बार आ चुके हैं और मचैल माता मंदिर के दर्शन करते हैं। लेकिन इसका अनुभव बहुत ही खौफनाक रहा है। हरियाणा से आए चमनलाल, जो किश्तवाड़ के चशोती गांव में मचैल के माता मंदिर यात्रा के दौरान आइसक्रीम बेचने के लिए आए थे।
आपदा में लोगों की जान चली गई
यहां पर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक ब्लास्टिंग जैसी तेज आवाज आने के कारण लोग चिल्लाने लगे। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई लोग मलबे में दब गए थे। आगे बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मलबे में दबे कुछ लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया। इस आपदा में लोगों की जान चली गई।
किश्तवाड़ के चशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आई। यह घटना उस जगह हुई। यहां पर श्री मचैल मंदिर यात्रा के लिए लोग जुटते हैें। यहां पर कई चार पहिया वाहन खड़े रहते हैं। यहां कई अस्थायी दुकानें भी थीं। एडीसी किश्तवाड़ के अनुसार, श्री मचैल यात्रा अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई है। पुलिस-प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां बड़े पैमाने पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।