भारतीय रिज़र्व बैंक ने गुरुवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। रेपो रेट अब घटकर 5.25% पर पहुंच गया है। इस फैसले का असर तुरंत शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में दिखा। सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी आई, और सोना-चांदी जैसे कीमती धातुओं में भी बड़ा उछाल देखा गया। जहां कल चांदी 4000 रुपये टूट गई थी और सोना 1000 रुपये नीचे आया था, वहीं रेपो रेट कटते ही दोनों धातुओं ने रफ्तार पकड़ ली और तेजी से ऊपर चढ़ गईं।
सोना-चांदी फिर चमके, भाव पहुंचे रिकॉर्ड के करीब
एवं एमसीएक्स पर ट्रेडिंग के दौरान चांदी 4300 रुपये उछलकर 182426 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। सोने में भी 751 रुपये की तेजी आई और इसका भाव 130829 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। यह दोनों कमोडिटीज़ को उनके ऑल-टाइम हाई के बेहद करीब ले आता है। वहीं IBJA के रेट्स में भी जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ 24 कैरेट गोल्ड 800 रुपये बढ़कर 128578 रुपये पर पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव 3300 रुपये चढ़कर 1,79,025 रुपये प्रति किलो हो गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि RBI के फैसले ने गोल्ड-सिल्वर को नई जान दे दी है।
ये भी पढ़ें : यात्रीगण ध्यान दें… Patna से Delhi के बीच आने वाली है वो ट्रेन, जो भारतीय रेल का पूरा खेल बदल देगी !
सिर्फ RBI नहीं, इन वजहों से भी बढ़े दाम
विश्लेषकों का मानना है कि सिर्फ RBI की रेपो रेट कटौती ही नहीं, बल्कि ग्लोबल संकेत भी गोल्ड-सिल्वर में तेजी का बड़ा कारण हैं। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व दिसंबर में ब्याज दरें घटा सकता है, ऐसी उम्मीद निवेशकों में बढ़ गई है। अगर फेड रेट कट करता है, तो दुनिया भर में गोल्ड-सिल्वर की खरीद बढ़ेगी और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इसके साथ ही रुपये में भी मजबूती देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपया 0.28% चढ़कर 90.068 पर ट्रेड कर रहा है। रुपये की मजबूती भी धातुओं के लिए पॉजिटिव संकेत मानी जाती है।
ETF में भी उछाल, निवेशकों का जोश बढ़ा
कमोडिटी मार्केट की इस चमक ने ETF निवेशकों को भी खुश कर दिया है। सिल्वर ETF में 2% की तेजी दर्ज की गई है, जबकि गोल्ड ETF लगभग 1% ऊपर है। इसका मतलब है कि निवेशकों को गोल्ड-सिल्वर में आगे भी अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद है। मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, रेपो रेट कटौती से लिक्विडिटी बढ़ेगी, जिसकी सीधी चमक गोल्ड-सिल्वर और शेयर बाजार में देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में यदि फेडरल रिज़र्व भी यही कदम उठाता है, तो कमोडिटी मार्केट में एक और बड़ी रैली देखने को मिल सकती है।