Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस 2026 की परेड को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार कर्तव्य पथ पर निकलने वाली परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। हालांकि, राजधानी दिल्ली की झांकी इस बार परेड का हिस्सा नहीं होगी। रक्षा मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि झांकियों का चयन तय मानकों और विस्तृत प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है। इस वर्ष परेड की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है, जिसके अनुरूप झांकियों को चुना गया है।
कितने राज्य और विभाग होंगे शामिल
इस साल परेड में 17 राज्यों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की झांकियां शामिल होंगी। राज्यों की झांकियां देश की सांस्कृतिक विविधता, परंपरा और विकास की झलक पेश करेंगी। वहीं केंद्रीय विभाग अपनी उपलब्धियों, योजनाओं और राष्ट्रीय महत्व के विषयों को झांकियों के जरिए दर्शाएंगे।
इन राज्यों की झांकियां दिखेंगी
असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब की झांकियां परेड का हिस्सा होंगी। ये झांकियां संस्कृति, इतिहास, आध्यात्म और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को केंद्र में रखेंगी।
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इन राज्यों को नहीं मिला मौका
इस बार अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, मेघालय, झारखंड, गोवा, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की झांकियां परेड में शामिल नहीं की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से सभी राज्यों को बारी-बारी अवसर देने की नीति अपनाई जा रही है।
हर झांकी में खास संदेश
पुडुचेरी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऑरोविले की अवधारणा दिखाएगा, राजस्थान बीकानेर की स्वर्ण कला को प्रस्तुत करेगा। तमिलनाडु आत्मनिर्भर भारत पर फोकस करेगा, उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड की संस्कृति को उजागर करेगा। पश्चिम बंगाल स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका दिखाएगा, मध्य प्रदेश देवी अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि देगा, जबकि पंजाब गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ को समर्पित रहेगा।