राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से जुड़े डीजल समझौते को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने कहा कि ट्रंप 'शायद कानून तोड़ रहे हैं', जबकि सीनेट में रिपब्लिकन व्हिप जॉन बारासो ने इसे रूस पर दबाव बनाने का एक तरीका बताया। ट्रंप को एक हफ्ते के अंदर यह तय करना है कि रूसी तेल के बड़े खरीदारों पर जुर्माना लगाया जाए या नहीं। यह मतभेद रविवार को दो टीवी कार्यक्रमों, एनबीसी के 'मीट द प्रेस' और सीबीएस के 'फेस द नेशन' में दिखाई दिया।
राष्ट्रपति कानून का पालन नहीं कर रहे
कानून का पालन नहीं कर रहे हैं
एनबीसी की पत्रकार क्रिस्टन वेल्कर ने टिलिस से पूछा कि क्या ट्रंप 2022 में बने उस कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, जो रूसी तेल के आयात पर रोक लगाता है। इस पर टिलिस ने कहा, "मेरा मानना है कि ऐसा हो सकता है।" उन्होंने कहा कि यह कहने के लिए पर्याप्त आधार हैं कि राष्ट्रपति कानून का पालन नहीं कर रहे हैं। नॉर्थ कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर टिलिस ने कहा कि दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर बने प्रतिबंध विधेयक पर सीनेट में हुए मतदान से लॉमेकर्स का रुख साफ दिखता है।
सीनेट की लगभग सर्वसम्मत राय थी
उन्होंने कहा कि अगर मुझे सही याद है तो उस बिल को 86 वोट मिले थे। यह अमेरिकी सीनेट की लगभग सर्वसम्मत राय थी। लेकिन पिछले 24 घंटों में राष्ट्रपति के कदम और बयान उस बिल की भावना के बिल्कुल उलट हैं। टिलिस ने कहा कि डीजल समझौते की वजह से रूस पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में ग्राहम की कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है।
प्रशासन को तुरंत अपना रुख बदलना चाहिए
रविवार को बाद में टिलिस ने छह अन्य सीनेटरों के साथ एक संयुक्त बयान भी जारी किया। इस बयान का नेतृत्व सीनेट विदेश संबंध समिति की वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य जीन शाहीन ने किया था। बयान में कहा गया कि ट्रंप का फैसला सीधे तौर पर उस कानून के खिलाफ जाता है और प्रशासन को तुरंत अपना रुख बदलना चाहिए।
रॉन वाइडेन ने भी हस्ताक्षर कि
इस बयान पर रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स, लिसा मुर्कोव्स्की और जॉन कर्टिस के अलावा डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल और रॉन वाइडेन ने भी हस्ताक्षर किए। वहीं, सीबीएस के कार्यक्रम में एंकर मार्गरेट ब्रेनन ने बारासो से उस कानून के बारे में सवाल किया, जिसके पक्ष में उन्होंने खुद वोट दिया था।