.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3D53a7feb4-b6d9-4f82-95ce-3a16a574be40&w=3840&q=75)
planted in UP: उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान पूरे देश में 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें यूपी को 15 लाख पौधरोपण की जिम्मेदारी दी गई है। पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि सेवा पर्व की शुरुआत पर प्रदेश के 34 नगर वन-वाटिकाओं में न्यूनतम 100-100 पौधे लगाना अनिवार्य होगा। हर जनपद में प्रभागीय वनाधिकारी इस अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता जैसे विशेष कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
34 नगर वनों में अनिवार्य पौधरोपण
प्रमुख सचिव (वन-पर्यावरण) अनिल कुमार ने बताया कि यूपी में पौधरोपण के लिए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने सभी 75 जिलों में उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन और रोपण की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान वन निगम डिपो, कार्यालयों, प्राणी उद्यान और सफारी पार्कों में स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। साथ ही पक्षी अभयारण्यों में सफाई अभियान और नर्सरी एक्शन प्लान पर कार्यशालाएं भी होंगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण को गति मिल सके।
यह भी देखेंःगृह क्लेश और बिजली विवाद से अवसाद में थे अजय शर्मा, सीएम आवास पर जहरीला पदार्थ खाकर दी जान
11राज्यों को मिले पौधरोपण लक्ष्य
सेवा पर्व में उत्तर प्रदेश के साथ अन्य राज्यों को भी पौधरोपण का लक्ष्य सौंपा गया है। ओडिशा को सबसे ज्यादा 20 लाख पौधे लगाने की जिम्मेदारी मिली है, जबकि असम में 11.50 लाख, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 11-11 लाख पौधे लगाए जाएंगे। मध्य प्रदेश को 8 लाख, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश को 7-7 लाख तथा राजस्थान को भी 7 लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला है। वहीं बिहार में 5 लाख पौधे लगाने की योजना है। सेवा पर्व के जरिए न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हरित आवरण बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।