पूर्वी दिल्ली। कृष्णा नगर इलाके में रहने वाले 77 वर्षीय रिटायर्ड ऑटो इंजीनियर ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए। फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करीब 2.7 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंप दी है।
पीड़ित के अनुसार, कुछ समय पहले उनके मोबाइल पर एक वॉट्सऐप मैसेज आया, जिसके बाद उन्हें एक ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में 100 से अधिक सदस्य जुड़े थे, जहां रोजाना शेयर बाजार से जुड़े टिप्स और भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे। ग्रुप संचालक खुद को एक बड़ी ट्रेडिंग कंपनी का डायरेक्टर बताकर निवेश पर तगड़े रिटर्न का भरोसा दिला रहा था।
धीरे-धीरे पीड़ित को एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर निवेश करने के लिए कहा गया, जो असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा दिखाई देता था। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद उन्होंने अपने और पत्नी के बैंक खातों से बड़ी रकम निवेश कर दी, जिसके बाद ऐप में उनका पोर्टफोलियो कई करोड़ रुपये तक दिखने लगा।
मार्च के दौरान उन्हें बड़े निवेश का ऑफर दिया गया, जिसमें भारी मुनाफे का लालच दिया गया। भरोसे में आकर उन्होंने और रकम निवेश कर दी। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो तकनीकी दिक्कत और अन्य बहानों से ट्रांजेक्शन टाल दिया गया। लगातार प्रयास के बाद भी पैसा वापस नहीं मिला, तब जाकर ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ित ने बताया कि यह राशि उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचाई थी, जो हाल ही में विदेश से लौटी है। परिवार पहले ही बेटे की सड़क हादसे में मौत के दुख से उबर रहा था और अब इस आर्थिक नुकसान ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले में बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में कई लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश जारी है।
साइबर ठगी से बचाव को लेकर पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान वॉट्सऐप ग्रुप या ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।