भोपाल के जहांगीराबाद में रहने वाले शुभम गोस्वामी ने सोमवार को विधिवत अनुष्ठानों के बीच पुनः हिंदू धर्म में वापसी कर ली। कुछ समय पहले उन्होंने एक मुस्लिम युवती के प्रेम में धर्म परिवर्तन कर अपना नाम ‘अमन खान’ रख लिया था। लेकिन धोखे, दबाव और बढ़ती मुश्किलों के चलते उन्होंने सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया। गुफा मंदिर में उपनयन, हवन और शुद्धिकरण समेत पूरी वैदिक विधि से उनका पुनः प्रवेश कराया गया।
प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी
शुभम की मुलाकात वर्ष 2022 के अंत में एक मुस्लिम युवती से हुई थी। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे बात धर्म बदलने के दबाव तक पहुंच गई। शुभम के अनुसार, युवती के परिवार ने उन पर इस्लाम स्वीकार करने के लिए मानसिक दबाव बनाया।
दबाव और विवादों में उलझा जीवन
शुभम का दावा है कि धर्म परिवर्तन के लिए उन पर कई तरह के दबाव डाले गए। विरोध करने पर उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए गए और उन्हें जेल तक जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को धमकाया गया कि हिंदू धर्म नहीं छोड़ा तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
चार महीने तक इस्लामिक रिवाजों के अनुसार जीवन
शुभम के मुताबिक, उन्होंने दबाव में आकर इस्लामिक तौर-तरीके अपनाए, ‘अमन खान’ नाम का उपयोग किया और नमाज पढ़ने से लेकर मस्जिदों में रहने तक सब कुछ किया। लेकिन हालात खराब होने पर उन्होंने मदद मांगी और उन्हें कानूनी व सामाजिक सहयोग मिला।
वैदिक विधि से हुई घर वापसी
गुफा मंदिर में शुभम का हवन, उपनयन संस्कार, गुरुदीक्षा, तिलक, कंठी-तुलसी धारण और गंगाजल से शुद्धिकरण कराया गया। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, सनातन धर्म में लौटने की यह एक सामान्य और मान्य प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति का पुनः संस्कार कराया जाता है।
परिवार के साथ नई शुरुआत
धर्म परिवर्तन के बाद आए तनाव से उबरते हुए शुभम अब अपने परिवार के साथ एक नई शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अब अपने मूल धर्म और संस्कृति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं। परिवार ने भी राहत जताई है कि उनका बेटा दोबारा सुरक्षित माहौल में लौट आया है।