
दिवाली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों को भारी जेब ढीली करनी पड़ रही है। खासकर लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी जैसे पूर्वांचल के शहरों के लिए निजी एसी बसों का किराया कई गुना बढ़ गया है। सामान्य दिनों में जो किराया 600 से 900 रुपये के बीच होता था, वह अब 5000 से 7300 रुपये तक पहुंच चुका है।
किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी
• लखनऊ: ₹600–700 → अब ₹4999
• कानपुर: ₹700–900 → अब ₹3500
• वाराणसी: ₹1000–1200 → अब ₹5770
• गोरखपुर: ₹1200–1500 → अब ₹7304
• प्रयागराज: ₹1000–1300 → अब ₹7350
इन तारीखों को जाने पर लगेगा बढा हुआ किराया
18, 19, 21 और 22 अक्टूबर को अधिकांश बसें पहले ही फुल हो चुकी हैं। बुकिंग वेबसाइट्स पर टिकट की उपलब्धता बेहद सीमित है और अंतिम समय में किराया और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मांग बहुत अधिक होती है, इसलिए किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी बन जाती है।
ट्रेनों में भी नहीं राहत: रेलवे में भी कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। वेटिंग लिस्ट लंबी है और स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। रेलवे ने भले ही स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की हो, लेकिन फिलहाल यात्रियों को कोई ठोस राहत नहीं मिल रही। यूपी रोडवेज की तैयारी: यूपी परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से कुल 305 साधारण बसें चलाई जा रही हैं। भीड़भाड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त बसें भी लगाई गई हैं। हालांकि, नोएडा डिपो के पास अपनी एसी बसें नहीं हैं, लेकिन अन्य डिपो की एसी बसें नोएडा से होकर गुजरेंगी।