उत्तराखंड के केदारनाथ यात्रा मार्ग से मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक बुजुर्ग दंपति के लापता होने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन और परिजनों की चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि दंपति दर्शन के बाद वापस लौट रहे थे, तभी खराब मौसम और रास्ता बदलने के कारण दोनों संपर्क से बाहर हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से खोज अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल पैदल मार्ग और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश जारी है।
सुबह निकले, देर शाम तक नहीं मिला कोई सुराग
प्रशासन के अनुसार रीवा निवासी अखिलेश तिवारी और उनकी पत्नी सत्यवती तिवारी 27 मई की सुबह करीब 9 बजे केदारनाथ धाम से रवाना हुए थे। शुरुआत में दोनों अन्य यात्रियों के साथ यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे, लेकिन कुछ समय बाद मौसम अचानक खराब हो गया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान दोनों ने मुख्य रास्ते से अलग दिशा पकड़ ली, जिसके बाद उनका संपर्क टूट गया। देर शाम तक कोई जानकारी न मिलने पर साथियों ने प्रशासन को सूचना दी।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
घटना के बाद रुद्रप्रयाग प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर तैनात सभी सेक्टर अधिकारियों, पुलिस टीमों और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट जारी कर दिया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से यात्रियों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी को बुजुर्ग दंपति के बारे में कोई जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दी जाए ताकि खोज अभियान को तेज किया जा सके।
गौरीकुंड तक सघन सर्च ऑपरेशन
उत्तराखंड पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार पैदल मार्ग से लेकर गौरीकुंड क्षेत्र तक खोजबीन कर रही हैं। खराब मौसम और पहाड़ी रास्तों के कारण राहत कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन टीमों को हर संभावित स्थान पर भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि दंपति को सुरक्षित खोजने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
यात्रा में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 22 अप्रैल से शुरू हुई थी और अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्ग पर मौसम लगातार बदल रहा है, जिसके चलते प्रशासन यात्रियों को सतर्क रहने और निर्धारित मार्गों से ही यात्रा करने की सलाह दे रहा है।