भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में बीटेक चौथे सेमेस्टर के नौ सीलबंद प्रश्नपत्र चोरी होने के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र कक्ष का ताला कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी से खोला गया था। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा प्रभारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है।
डुप्लीकेट चाबी से खोला गया प्रश्नपत्र कक्ष
गांधी नगर थाना पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी ने प्रश्नपत्र रखे गए कक्ष का ताला खोलने के लिए मूल चाबी जैसी दूसरी चाबी का इस्तेमाल किया। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौके से मिले अहम सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
परीक्षा रद्द होने से छात्र हुए प्रभावित
प्रश्नपत्र चोरी का मामला सामने आने के बाद बीटेक चौथे सेमेस्टर की निर्धारित परीक्षा ऐन समय पर स्थगित करनी पड़ी। इससे करीब 200 छात्र प्रभावित हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया है। पुलिस परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट का मिलान भी कराया जाएगा, ताकि जांच को ठोस आधार मिल सके।
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद परीक्षा प्रभारी पर कार्रवाई
जांच के लिए गठित समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा प्रभारी प्रो. अर्चना तिवारी को परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। इसके अलावा उन्हें बायोटेक्नोलॉजी विभाग के निदेशक पद से भी हटाकर उनकी अतिरिक्त जिम्मेदारियां वापस ले ली गईं। उनकी जगह डॉ. जितेंद्र अवघवाल को प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर बढ़ी कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इससे पहले संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया था। तय समय सीमा पूरी होने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। बताया गया है कि अतिरिक्त समय का अनुरोध किया गया था, लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए। समिति अब विस्तृत जवाब के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी।
जांच में सामने आईं सुरक्षा व्यवस्था की कमियां
प्रारंभिक जांच में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। इनमें स्ट्रॉन्ग रूम का अभाव, चाबी की सुरक्षा में लापरवाही, सीसीटीवी और सीलिंग व्यवस्था की कमी, गोपनीय क्षेत्र में प्रवेश नियंत्रण का अभाव तथा प्रश्नपत्र सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाना शामिल है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।