अलीगढ़ को ताले और तालीम के शहर के रूप में पूरी दुनिया जानती है, लेकिन अब यह शहर अरबपतियों की फेहरिस्त में भी अपनी खास जगह बना चुका है। कई लोग यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि अलीगढ़ का सबसे अमीर व्यक्ति कौन है और किस उद्योग ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई। इस सूची में सबसे ऊपर नाम आता है Paytm के संस्थापक और CEO विजय शेखर शर्मा का, जिन्होंने डिजिटल पेमेंट की तस्वीर ही बदलकर रख दी। छोटे से शहर अलीगढ़ से निकलकर देश-दुनिया के नामी उद्यमी बनने की उनकी कहानी बेहद प्रेरक है।
अंग्रेज़ी कमजोर होने की वजह से पढ़ाई में दिक्कतें
विजय शेखर शर्मा का जन्म 1978 में अलीगढ़ में हुआ था। शुरुआती दिनों में अंग्रेज़ी कमजोर होने की वजह से उन्हें पढ़ाई में दिक्कतें आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आगे चलकर उन्होंने कोडिंग सीखी और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन की पढ़ाई की। 2010 में उन्होंने One97 Communications के तहत Paytm की शुरुआत की। शुरुआत मोबाइल रिचार्ज से हुई, लेकिन 2016 की नोटबंदी ने Paytm को रातों-रात हर घर का नाम बना दिया। 2021 में कंपनी की लिस्टिंग के दौरान विजय शेखर शर्मा की नेटवर्थ करीब 18,900 करोड़ रुपये आंकी गई थी। अब भी उनकी संपत्ति लगभग 10,000 करोड़ रुपये है। फोर्ब्स से लेकर टाइम मैगज़ीन तक उन्हें भारत के सबसे प्रभावशाली उद्यमियों में गिना जाता है।
indiasite.net नाम की वेबसाइट बनाई
डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, बीमा, टिकट बुकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और लोन सर्विस जैसे क्षेत्रों में Paytm एक दिग्गज बन चुका है। कॉलेज के दिनों में विजय ने indiasite.net नाम की वेबसाइट बनाई थी, जिसे उन्होंने बाद में एक मिलियन डॉलर में बेच दिया। इसके बाद One97 Communications शुरू की और फिर Paytm लॉन्च किया। RBI से लाइसेंस प्राप्त Paytm Payments Bank के वे प्रमोटर भी हैं। उनका विश्वास हमेशा एक बात पर रहा—“हर बड़ी चीज़ की शुरुआत छोटी से होती है।”
अरबपतियों की सूची में दूसरा बड़ा नाम
अलीगढ़ के अरबपतियों की सूची में दूसरा बड़ा नाम हाजी ज़हीर का है, जो एग्रो और मीट निर्यात के क्षेत्र में दुनिया भर में पहचान बना चुके हैं। अलीगढ़ की तंग गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी पहचान बनाने वाले हाजी ज़हीर की कुल संपत्ति लगभग 2400 करोड़ रुपये है। उनका अल-हम्द फूड एग्रो प्लांट दुनिया भर में एग्रो प्रोडक्ट सप्लाई करता है और वे लगातार अलीगढ़ के सबसे बड़े टैक्सपेयर्स में गिने जाते हैं। 2005 में शुरू हुआ उनका मीट एक्सपोर्ट बिज़नेस आज उन्हें हुरून रिच लिस्ट तक ले गया है।