रिलायंस इंडस्ट्रीज को अमेरिका की ओर से वेनेजुएला से तेल खरीदने का लाइसेंस मिल गया है। अब कंपनी वहां से कच्चा तेल बिना किसी अतिरिक्त अनुमति या प्रतिबंध के खरीद सकेगी। खबर के मुताबिक कंपनी ने जनवरी में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और अब उसे मंजूरी दे दी गई है। इससे रिलायंस को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बड़ा फायदा मिल सकता है।
पहले भी की थी खरीदारी
लाइसेंस मिलने से पहले भी रिलायंस ने लगभग 2 मिलियन बैरल वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदा था। यह खेप अप्रैल में मिलने की उम्मीद है। यह खरीदारी व्यापारिक कंपनियों Vitol और Trafigura के जरिए हुई थी, जिनके पास पहले से अमेरिकी अनुमति थी। अब सीधे लाइसेंस मिलने से प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
अमेरिका ने क्यों दी राहत
हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि यह कदम तेल आपूर्ति समझौतों और ऊर्जा ढांचे के विकास की योजना के तहत उठाया गया है। इस फैसले के बाद वेनेजुएला से भारत को तेल बेचने की राह भी आसान हो गई है।
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रूसी तेल की भरपाई
रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस वेनेजुएला से तेल खरीदकर रूसी तेल की कमी को पूरा कर सकती है। दुनिया के बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करने वाली कंपनी के लिए यह लागत कम करने का मौका है। वेनेजुएला का कच्चा तेल आमतौर पर ब्रेंट कीमत के मुकाबले कम दर पर मिलता है, जिससे रिफाइनिंग कंपनियों को फायदा होता है।
सस्ते तेल का फायदा
लाइसेंस मिलने से रिलायंस अब भारी मात्रा में तेल खरीद सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी की कच्चे तेल की लागत कम हो सकती है। अगर तेल कम कीमत पर मिलता है तो इसका असर कंपनी के मुनाफे पर भी सकारात्मक पड़ सकता है। आने वाले समय में इसके शेयरों पर भी नजर रहेगी।
टैरिफ में राहत और नया समीकरण
इस बीच अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को भी हटा दिया है। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियां अप्रैल डिलीवरी के लिए रूसी तेल खरीद से दूरी बना रही हैं। माना जा रहा है कि यह कदम भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकता है। रिलायंस के लिए यह लाइसेंस वैश्विक ऊर्जा कारोबार में नई दिशा साबित हो सकता है।