आईपीएल 2026 में रिंकू सिंह का प्रदर्शन लगातार गिरता नजर आ रहा है। गुजरात के खिलाफ वह सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए और इससे पहले भी चेन्नई के खिलाफ 6 और लखनऊ के खिलाफ 4 रन बनाकर पवेलियन लौटे थे। लगातार तीन मैचों में फ्लॉप होने से उनके ऊपर दबाव साफ दिख रहा है। कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद उम्मीद थी कि वह टीम को संभालेंगे, लेकिन फिलहाल हालात उल्टे नजर आ रहे हैं।
आंकड़े दे रहे खराब फॉर्म की गवाही
इस सीजन रिंकू सिंह ने अब तक 5 पारियों में सिर्फ 79 रन बनाए हैं और उनका औसत करीब 19 के आसपास है। स्ट्राइक रेट भी 120 से नीचे गिर चुका है, जो उनके जैसे फिनिशर बल्लेबाज के लिए चिंता का विषय है। पिछले सीजन में जहां वह लगभग 30 की औसत और 150 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे थे, वहीं इस बार उनका आत्मविश्वास और लय दोनों गायब दिख रहे हैं।
टी20 वर्ल्ड कप से ही शुरू हुआ गिरावट का सिलसिला
रिंकू का खराब दौर आईपीएल से पहले ही शुरू हो गया था। टी20 वर्ल्ड कप में भी उन्हें 5 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह सिर्फ 24 रन ही बना सके। यूएसए, नामीबिया और नीदरलैंड्स जैसी टीमों के खिलाफ भी वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 11 रन जरूर बनाए, लेकिन बाकी मैचों में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
महंगी कीमत और प्रदर्शन का दबाव
कोलकाता नाइट राइडर्स ने रिंकू सिंह को भारी रकम देकर टीम में बनाए रखा है और हर सीजन उन्हें करीब 13 करोड़ रुपये मिलते हैं। ऐसे में उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद स्वाभाविक है। लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट भी अब सोचने पर मजबूर हो गया है कि क्या उन्हें प्लेइंग इलेवन में बनाए रखना सही फैसला है या नहीं।
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क्या टीम ले सकती है बड़ा फैसला?
अगर आने वाले मैचों में भी रिंकू सिंह का बल्ला शांत रहा, तो टीम उनके खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है। कप्तानी का दबाव, खराब फॉर्म और टीम की हारतीनों चीजें मिलकर उनकी स्थिति कमजोर कर रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रिंकू वापसी कर पाएंगे या फिर केकेआर मैनेजमेंट कोई बड़ा बदलाव करने जा रहा है। आने वाले मुकाबले उनके करियर के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।