कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2026 में गहरे संकट से गुजर रही है। टीम ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं और एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मिली हार ने हालात और खराब कर दिए हैं। इस बीच टीम के फिनिशर रिंकू सिंह के प्रदर्शन पर भी सवाल उठने लगे हैं। 13 करोड़ रुपये में रिटेन किए गए रिंकू अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
पुरानी पारी का बोझ, नई फॉर्म गायब
रिंकू सिंह को 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच के लिए याद किया जाता है, जब उन्होंने आखिरी ओवर में 5 छक्के लगाकर जीत दिलाई थी। लेकिन इसके बाद से उनका प्रदर्शन लगातार गिरता नजर आया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 4 पारियों में सिर्फ 78 रन बनाए हैं, जिसमें 33 नाबाद, 35, 4 और 6 रन शामिल हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि 2023 के बाद उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है।
पूर्व दिग्गज ने उठाए सवाल
पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भी रिंकू सिंह की बल्लेबाजी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रिंकू एक अच्छे स्ट्राइक रोटेटर हैं, लेकिन जब रन रेट 10-12 के पार जाता है तो वह दबाव में आ जाते हैं और मैच फिनिश नहीं कर पाते। उन्होंने यह भी कहा कि एक पारी के आधार पर खिलाड़ी को लंबे समय तक नहीं आंका जा सकता।
उपकप्तानी बनी दबाव का कारण
इस सीजन की शुरुआत से पहले केकेआर ने रिंकू सिंह को प्रमोशन देते हुए टीम का उपकप्तान बनाया था। लेकिन यह जिम्मेदारी उनके लिए दबाव बनती दिख रही है। पिछले दो सीजन का रिकॉर्ड देखें तो खराब प्रदर्शन करने वाले उपकप्तानों को टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
पुराने उदाहरण से बढ़ी चिंता
आईपीएल 2024 में नीतीश राणा को कप्तान बनाया गया था, लेकिन चोट और खराब फॉर्म के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। वहीं 2025 में वेंकटेश अय्यर को उपकप्तान बनाया गया, लेकिन 11 मैचों में सिर्फ 142 रन बनाने के बाद उन्हें भी टीम से बाहर कर दिया गया।
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अब रिंकू के सामने बड़ी चुनौती
ऐसे में रिंकू सिंह के लिए यह सीजन बेहद अहम हो गया है। अगर उनका प्रदर्शन जल्द नहीं सुधरता तो वह भी मैनेजमेंट के निशाने पर आ सकते हैं।
आगे क्या होगा
केकेआर को अपनी पहली जीत की तलाश है और टीम को अपने प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। अब सबकी नजरें रिंकू सिंह पर हैं कि क्या वह दबाव से उबरकर टीम को जीत दिला पाएंगे या फिर उनका संघर्ष जारी रहेगा।