भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले कुछ समय से उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। हाल ही में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की लगातार निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इस दुखद खबर से खेल जगत और रिंकू के प्रशंसकों में शोक की लहर है।
वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहा था इलाज
खचंद्र सिंह कई दिनों से मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। डॉक्टरों की टीम उन्हें निरंतर रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दे रही थी, क्योंकि उनकी किडनी फंक्शनिंग भी प्रभावित हो चुकी थी। परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन था, क्योंकि उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद कम होती जा रही थी। अंततः लंबी बीमारी के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार और करीबी लोगों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
विश्वकप के बीच अचानक घर लौटे रिंकू
टी-20 विश्वकप के दौरान रिंकू सिंह के अचानक टीम छोड़कर घर लौटने की खबर ने सभी को चौंका दिया था। चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में आयोजित अभ्यास सत्र में वे शामिल नहीं हुए थे, जबकि बाकी खिलाड़ी मैदान पर मौजूद थे। बाद में जानकारी सामने आई कि उनके पिता की हालत गंभीर है और वे जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए रिंकू तुरंत अपने घर अलीगढ़, उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गए।
आगे खेलेंगे या नहीं, स्थिति स्पष्ट नहीं
भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि रिंकू के पिता की तबीयत बेहद खराब है, इसलिए उन्हें घर लौटना पड़ा। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि वे जल्द टीम से जुड़ जाएंगे। हालांकि अब पिता के निधन के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि रिंकू विश्वकप के आगामी मैचों में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं। फिलहाल पूरा देश इस कठिन समय में रिंकू सिंह और उनके परिवार के साथ खड़ा है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।